नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज अजीत वाडेकर का बुधवार को मुंबई में निधन हो गया। 77 वर्षीय वाडेकर ने मुंबई के जसलोक हॉस्पिटल में अपनी आखिरी सांसे ली। अजीत वाडेकर के निधन से क्रिेकेट जगत मातम में है। भारत के कई दिग्गज क्रिकेटर उनसे जुड़े संस्मरणों को साझा कर रहे है। भारतीय क्रिेकेट इतिहास में वाडेकर का नाम उस कप्तान के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने अपने नेतृत्व में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों को उनके घर में हराया। वाडेकर ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के लिए मैनेजर की भूमिका का निर्वाह किया था। उनकी मैनेजरी के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम को कई नायाब सितारे मिले।
सचिन की प्रतिभा को पहचाना-
सचिन तेंदुलकर ने अपनी किताब प्लेइंग इट माई वे में एक जगह यह जिक्र किया है कि वो बचपन से ही ओपनर बल्लेबाज बनना चाह रहे थे। लेकिन तत्कालिन टीम में उन्हें यह भूमिका नहीं मिल रही थी। उस समय भारतीय क्रिकेट टीम के मैनेजर अजीत वाडेकर भी थे। वाडेकर ने भी सचिन की प्रतिभा का पहचान करते हुए और उनपर भरोसा दिखाते हुए उन्हें ओपनिंग करने का मौका दिया था।
पहले ही मैच में मचाया धमाल-
वाडेकर के कहने पर जब सचिन तेंदुलकर को सलामी बल्लेबाजी करने का मौका मिला, तो सचिन ने पहले ही मैच में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए वाडेकर की उम्मीदों पर खरा उतरे। सचिन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए इस मैच में 49 गेंदों पर 82 रनों की धुंआधार पारी खेला था। सचिन के साथ-साथ वाडेकर का भारत के अन्य कई खिलाड़ियों के साथ अभिभावक जैसा रिश्ता है।
अजहर और अनिल के लिए पितातुल्य-
वाडेकर के निधन पर अजहरुद्दीन और अनिल कुंबले ने ट्वीट करते हुए पितातुल्य बताया है। बताते चले कि अनिल कुंबले को एक समय आउट ऑफ फॉर्म होने की वजह से टीम से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद अनिल कुंबले की वापसी तब हुई जब अजीत वाडेकर भारतीय क्रिकेट टीम के मैनेजर बने। वापसी के बाद अनिल ने अपनी गेंदबाजी कौशल का वो दम दिखाया कि वो भारत के सबसे सफलतम गेंदबाज बन गए।





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