सुरेश हेमनानी
पाली. लम्बी जद्दोजहद के बाद आखिरकार पाली जिला मुख्यालय पर पाली-सुमेरपुर राजमार्ग पर १ अगस्त से मेडिकल कॉलेज का पहला सत्र शुरू हो रहा है। सत्र के शुभारंभ को लेकर अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले सत्र में यहां १०० सीटों के लिए प्रवेश होगा। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. दिलीपसिंह चौहान ने बताया कि पहले सत्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कॉलेज में म्यूजियम बन कर तैयार है। छात्रों के कालांश, फर्नीचर भी तैयार है। छात्र-छात्राओं के रहने के लिए छात्रावास भी पूर्ण रूप से तैयार है।
चल रहा सडक़ निर्माण
कॉलेज परिसर में कुछ जगह सडक़ निर्माण का कार्य चल रहा है। कॉलेज परिसर में कुछ भवन अभी तैयार होने हैं। हालांकि, अधिकांश बिल्डिंग तैयार है।
प्रवेश द्वार तैयार
कॉलेज के बाहर प्रवेश द्वार भी लगाया गया है। प्रवेश द्वार पर गार्ड तैनात किए गए हैं। रंग-रोगन भी लगभग हो चुका है। बाउंड्री वॉल के निकट पौधरोपण किया गया है। पार्क भी विकसित किया जा रहा है। वाहनों की पार्र्किंग के लिए भी व्यवस्था की गई है।
शहरवासियों की जुबानी
&मेडिकल कॉलेज खुलने से पाली में चिकित्सा क्षेत्र में सुधार आएगा। पाली से जोधपुर रेफर होने वाले केस अब कम होंगे। पाली, जालोर व सिरोही के गरीब तबके के लोगों को चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। सरकार का यह निर्णय तारीफ के काबिल है।
निखिल व्यास, गणेशराम पटेल, राकेश मेहता
कांग्रेस सरकार की देन
&पाली के लिए मेडिकल कॉलेज किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है, लेकिन इसका श्रेय कांग्रेस सरकार को है। अशोक गहलोत सरकार ने ही पाली को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। इससे जिले की जनता को काफी हद तक राहत मिल सकेगी।
चुन्नीलाल चाड़वास, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
वसुंधरा सरकार की देन
&पाली का मेडिकल कॉलेज मौजूदा केन्द्र व राज्य सरकार की देन है। कॉलेज के पहले सत्र में एमबीबीएस के १०० अभ्यर्थी चिकित्सा के क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाएंगे। पाली के लिए यह बड़ा तोहफा है। इससे यहां की चिकित्सा व्यवस्थएं भी दुरुस्त होंगी।
सुनील भंडारी, महामंत्री, भाजपा





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