बीकानेर. सरकार बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का दावा कर रही है, लेकिन शहर से गांव तक झोलाछाप डॉक्टर अब भी आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हरकत में आई सरकार ने ऐसे झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई का मानस बनाया है। सरकार ने प्रदेशभर के सीएमएचओ को निर्देश दिए हैं कि वे शहर से गांवों तक झोलाछाप डॉक्टरों को चिह्नित करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
काम अब तक पूरा नहीं
चिकित्सा विभाग ने जिले में करीब पांच माह पहले झोलाछाप चिकित्सकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। विभाग के पास यह आंकड़ा ही नहीं है कि कहां कितने झोलाछाप चिकित्सक हैं, जबकि शहर से गांवों तक झोलाछाप चिकित्सक मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करते देखे जा सकते हैं। कई तो दुकान खोल कर बैठे हुए हैं।
ड्रिप भी लगाते हैं
अधिकतर झोलाछाप चिकित्सकों ने गांवो में अपनी दुकानदारी जमा रखी है। हालांकि शहर में ये कम ही हैं। ये झोलाछाप चिकित्सक मरीजों को केवल प्राथमिक उपचार ही नहीं देते, बल्कि ड्रिप, इंजेक्शन तक लगाते हैं।
करेंगे कार्रवाई
सरकार ने झोलाछाप चिकित्सकों के बारे में रिपोर्ट मांगी है। ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में झोलाछाप चिकित्सकों को चिह्नित करने की हिदायत दी गई है। झोलाछाप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बीएल मीणा, सीएमएचओ
केस-१
नोखा तहसील में पिछले दिनों एक व्यक्ति को सांप ने काट लिया था। परिजन मरीज को सीधे चिकित्सक के पास न ले जाकर झाडफ़ूंक वाले के पास ले गए, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में पीबीएम अस्पताल में मरीज की मौत हो गई।
केस-२
नापासर क्षेत्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति को सांप ने काट लिया। यहां भी परिजन चिकित्सक के पास देरी से पहुंचे। पहले वे झाड़-फूंक करवाते रहे। इस दौरान काफी देरी हो गई थी और व्यक्ति की जान चली गई।





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