श्रीगंगानगर.
फिरोजपुर फीडर की मरम्मत और गंगनहर प्रणाली में जल वितरण को लेकर हो रही गड़बड़ी को लेकर सोमवार को जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप और किसान नेताओं के बीच जमकर तकरार हुई। गर्मागर्मी के बीच एकबारगी तो मंत्री ने यहां तक कह दिया कि तेज आवाज में बोलना मुझे भी आता है और अगर मैं बोलने लग गया तो आपकी बोलती बंद हो जाएगी।
इस तकरार का अंत सुखद इस मायने में रहा कि मंत्री ने फिरोजपुर फीडर की मरम्मत के मसले पर पंद्रह-बीस दिन में किसान नेताओं को आशानुकूल परिणाम देने का आश्वासन दिया, वहीं जल वितरण में गड़बड़ी पर एक सहायक अभियंता को मंत्री ने निलम्बित करने के आदेश दिए, वहीं दूसरे सहायक अभियंता के स्थानांतरण के बावजूद यहीं जमे रहने पर कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता को जमकर झाड़ पिलाई और सहायक अभियंता को तुरंत कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए।
कांग्रेस नेता पृथीपाल सिंह संधू तथा गंगानगर किसान समिति के रणजीत सिंह राजू और संतवीर मोहनपुरा सहित कई नेता फिरोजपुर फीडर की मरम्मत की मांग को लेकर जिला कलक्टर ज्ञानाराम से मिलने गए थे। इस पर कलक्टर ने उन्हें बताया कि पहले आते तो जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव और जिले के प्रभारी सचिव शिखर अग्रवाल बैठक के सिलसिले में आए हुए थे। उनकी मौजूदगी में इस मांग पर बेहतर चर्चा हो सकती थी। कलक्टर को किसी बैठक में जाना था सो किसान नेता उन्हें ज्ञापन देकर बाहर आ गए। ठीक उसी समय जल संसाधन मंत्री की गाड़ी कलक्ट्रेट में आई तो कांग्रेस नेता पृथीपाल सिंह संधू ने कलक्ट्रेट परिसर से बाहर जा चुके किसान नेताओं को फोन कर बुला लिया।
शिकायत पर एक्शन
किसान नेताओं ने वार्ता के दौरान एचएच नहर को बिना वरीयता के आठ घंटे चलाने की शिकायत जल संसाधन मंत्री से की तो उन्होंने अधिशासी अभियंता (उत्तर खंड) धीरज चावला को फटकार लगाई और एचएच नहर को बिना वरीयता चलाने पर सहायक अभियंता हरीराम घोड़ेला को निलम्बित करने के आदेश दिए। सहायक अभियंता हिमांशु के स्थानांतरण के बावजूद रिलीव नहीं होने पर मंत्री ने उन्हें तुरंत प्रभाव से रिलीव करने के आदेश दिए। किसान नेताओं ने कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता प्रदीप रूस्तगी को झगड़े की जड़ बताया तो मंत्री ने कहा आप अधिकारी ढूंढ़ो, नियुक्ति मैं दे दूंगा। इस पर किसान नेता निरूत्तर हो गए।
पहले मंत्री ने किया मिलने से इनकार
कलक्टर कार्यालय में बैठे जल संसाधन मंत्री से मिलने के लिए किसान नेताओं ने मिलने के लिए स्लिप भिजवाई तो उन्होंने मिलने से इनकार कर दिया। इससे नाराज किसान नेता उनकी गाड़ी को घेर कर वहीं बैठ गए। जब इसकी जानकारी जल संसाधन मंत्री को मिली तो उन्होंने किसान नेताओं को पुलिस उप अधीक्षक (शहर) के हाथ न्योता देकर भीतर बुला लिया।
मंत्री के साथ वार्ता में किसान नेताओं ने फिरोजपुर फीडर की मरम्मत के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाने की मांग की, वहीं गंगनहर के रेग्यूलेशन में गड़बड़ी के आरोप लगाए। वार्ता के दौरान कई बार एेसे मौके आए जब जल संसाधन मंत्री और किसान नेताओं के बीच जमकर तकरार हुई। बाद में मंत्री ने फिरोजपुर फीडर के संबंध में पंद्रह-बीस दिन में बेहतर परिणाम देने का आश्वासन दिया तो किसान नेता मंत्री का धन्यवाद करने से नहीं चूके।





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