झुंझुनूं. जिले में भू्रण जांच का धंधा जोरों पर चल रहा है।यह बात पीसीपीएनडीटी की ओर से धंधे में लिप्त महिला दलाल सहित दो जनों की गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट हो चुकी है। पूछताछ में महिला दलाल फूलपति ने बताया कि भू्रण जांच के धंधे से प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपए कमाती थी। गांव सहित आस-पास के लोग सम्पर्क में है।जांच के अलावा भी प्रसव या अन्य रोगियों को अस्पताल ले जाने पर अच्छा कमीशन दिया जा रहा है। दलाल फूलपती का स्वयं का यह मानना है कि जांच करवाना और लडक़ी होने पर गर्भपात करवाना धर्म का काम है।
चिकित्सक करते हैं सम्मान
दलाल फूलपती ने बताया कि करीब दो दर्जन चिकित्सक सम्पर्क में हैं।चिड़ावा, पिलानी,सूरजगढ़,सिंघाना व खेतड़ी के डॉक्टर उनका बहुत सम्मान करते है, जब भी भू्रण जांच करवाने गर्भवती महिलाओं को लेकर जाने पर चिकित्सक अपनी गाड़ी लेने आते व हिस्से की राशि देकर वापिस बस स्टेण्ड पर भी छोड़ते थे। जिन गर्भवती महिलाओं को लडकी बताई जाती थी उनका गर्भपात चिड़ावा के एक निजी अस्पताल में करवाने की बात कही जा रही है।
रवि सिंह को देती थी 25 हजार
आरोपित ने बताया कि रवि सिंह को 25 हजार रुपए देती थी।जांच करने वाले किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं रहकर इस काम को करने वाले पांच अन्य लोगों के सम्पर्क में थी।परिजनों ने कभी इस काम को करवाने के लिए रोक टोक नहीं की।दलाल फूलपती के पास मिली डॉयरी में इस धंधे में लिप्त कई लोगों के नाम, नम्बर मिले हैं।
छह महिने तक किया पीछा
बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं टीम ने तीन माह में 6 गर्भवती महिलाओं की जांच दलाल फूलपती से करवाई। जिसके कारण दलाल फूलपती को सहयोगी महिला पर पूरा भरोसा हुआ। टीम ने रवि सिंह की जांच करने के तरीके के अनुसार ही पूरी कार्ययोजना बनाई।
बुड़ाना पीएचसी पर पांच माह से नहीं है चिकित्सक
झुंझुनूं. ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ सेवाओं के दावों खरे नहीं उतर रहे हैं।ऐसा ही हाल राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बुड़ाना का है।जहां पिछले पांच माह से चिकित्सक के नहीं होने इलाज करवाने पहुंच रहे ग्रामीणों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि यहां कार्यरत चिकित्सक पीजी करने चला गया।वैकल्पिक व्यवस्था के लिए विभाग की ओर से किसी अन्य चिकित्सक को नहीं लगाया गया।समय रहते समस्या से निजात नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।





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