अलवर. प्रसूताओं के लिए भले ही सरकार कल्याणकारी योजना चलाने का दावा करती हो, लेकिन प्रसूताओं की समस्याएं कम नहीं हो पा रही। शनिवार को एक प्रसूता ने पैसे नहीं देने पर वाहन चालक के खिलाफ मारपीट करने एवं उसे एंबुलेंस से बाहर उतारने का आरोप लगाया।
जानकारी के अनुसार कठूमर के बायला गांव निवासी मुस्कान ने गत 9 अगस्त को जनाना अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। शनिवार को महिला को अस्पताल से छुटटी दी गई। महिला घर जाने के लिए अस्पताल से जननी सुरक्षा योजना के तहत संचालित एंबुलेंस में बैठी। एंबुलेंस में उसका पति अली मोहम्मद व उसकी एक बेटी भी बैठ गई। महिला एवं परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल से रवाना होने के बाद बर्फ खाना रोड पर एंबुलेंस चालक ने ढाई सौ रुपए मांगे। इस पर महिला के पति ने कहा कि सरकार की ओर से यह सुविधा नि:शुल्क दी जा रही है तो एंबुलेंस चालक ने ढाई सौ रुपए देने और पैसे नहीं देने पर एंबुलेंस से उतरने को कहा। महिला व उसके पति ने जब उतरने से मना किया तो चालक उनके साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। बाद में चालक ने महिला को एंबुलेंस से खींचकर बाहर निकाल दिया जिससे प्रसूता को चोट भी आई।
विवाद बढऩे पर महिला के पति ने भी एंबुलेंस चालक को थप्पड मार दिया। बाद में एंबुलेंस चालक महिला व उसके पति व बेटी को उतारकर एंबुलेंस को जनाना अस्पताल ले आया। एंबुलेंस चालक यहां से चार साथियों को लेकर फिर से वहां पहुंचा और प्रसूता के साथ मारपीट की। इस दौरान घटनास्थल पर काफी संख्या में लोग भी एकत्रित हो गए।
मेरे ड्राइवर के साथ मारपीट की गई है। प्रसूता ने उसे जिस जगह के लिए बुक किया था। वह वहां नहीं जाकर दूसरी जगह पर जाना चाह रही थी। जब वहां गाडी ले जाने से मना किया तो प्रसूता के पति ने उसके साथ मारपीट और गाली गलौच शुरु कर दी। सडक़ पर खड़े लोगों ने उसे बचाया। ड्राइवर की आंख व शरीर के अन्य भागों में चोटें आई हैं।
रघुवीर सैनी, वाहन मालिक।





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