Breaking News
recent

शुगर मिल के टरबाइन रोटर से लगी चपत

श्रीगंगानगर.

नई शुगर मिल के टरबाइन रोटर की सर्विस नहीं होने से ४५ लाख रुपए की चपत लगी है। मिल का पिराई सत्र पूरा होने के बाद टरबाइन रोटर की सर्विस होनी थी जो नहीं हुई। तीन-चार माह बाद टरबाइन रोटर को संभाला गया तो वह खराब हो चुका था। इस लापरवाही को छुपाने के लिए टरबाइन रोटर को आनन-फानन में दुरुस्त करवाया गया।

लेकिन इस पर हुए खर्च ने रखरखाव में बरती गई लापरवाही की पोल खोल दी। अब यह मामला स्पष्टीकरणों में उलझा हुआ है। जानकारी के अनुसार टरबाइन रोटर से जुड़ा यह मामला वर्ष २०१७ में गन्ना पिराई सत्र समाप्त होने के बाद का है। पिराई सत्र समाप्त होने के बाद टरबाइन रोटर की सर्विस होनी थी जो नहीं हुई। इसके रखरखाव का ठेका जिस कंपनी को दिया हुआ था, उसने भी टरबाइन रोटर की सर्विस की तरफ ध्यान नहीं दिया। पिराई सत्र समाप्त होने के तीन-चार माह बाद कंपनी को टरबाइन रोटर की सर्विस का ख्याल आया तो तुरत-फुरत उसकी जांच की गई। तब यह बात सामने आई कि टरबाइन रोटर खराब हो चुका है और इसे दुरुस्त करवाने में भारी भरकम राशि खर्च करनी होगी।


इन्हें माना दोषी
जांच कमेटी ने टरबाइन रोटर के खराब होने के लिए बॉयलर इंजीनियर, रखरखाव का ठेका लेने वाली एसएस इंजीनियर कंपनी तथा शुगर मिल की मशीनरी देने वाली ग्लोबल शुगर कैन प्राइवेट लिमिटेड को दोषी मानते हुए जुर्माना लगाने की सिफारिश की। मिल सूत्रों ने बताया कि तीनों पर १६-१६ लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है। मिल प्रबंधन ने इस मामले में बॉयलर इंजीनियर को आरोप पत्र भी दिया है। इस मामले में मिल के तत्कालीन महाप्रबंधक नरेन्द्र कुमार थोरी ने भी अपनी रिपोर्ट मिल के जयपुर कार्यालय को भेजी थी, जिसमें उन्होंने यह सुझाव दिया बताते हैं कि जब मिल के रखरखाव का काम ठेके पर था तो टरबाइन रोटर की समय रहते सर्विस करवाने की जिम्मेदारी उसी की थी। एेसे में टरबाइन रोटर को दुरुस्त करवाने पर खर्च हुई राशि उसी को भुगतनी चाहिए।


एेसे खुला भेद
मिल सूत्रों ने बताया कि टरबाइन रोटर को दुरुस्त करवाने में ४८ लाख रुपए खर्चा आया। रखरखाव में बरती गई लापरवाही का भेद तब खुला जब टरबाइन रोटर को दुरुस्त करवाने पर खर्च हुई राशि का बिल मिल की लेखा शाखा में पहुंचा। तब लेखा शाखा ने ही यह सवाल उठाया कि टरबाइन रोटर गारंटी पीरियड में है और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी किसी कंपनी को दी हुई थी तो यह खर्च कौन उठाएगा। यह मामला जयपुर में बैठे मिल के महाप्रबंधक तक पहुंचा तो उन्होंने जांच कमेटी का गठन किया।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.