बूंदी. गांवों में होने वाले आयोजनों में अब लोगों को लघुशंका (शौच) के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जी हां!शहरी तर्ज पर जिले की ग्राम पंचायतों में जल्द सामुदायिक स्वच्छता परिसर (शौचालय) का निर्माण कराया जाएगा। जिले की १८३ ग्राम पंचायतों में से ४५ की सेक्शन जारी कर वित्तीय स्वीकृति के लिए जयपुर भेज दी गई। प्रत्येक ग्राम पंचायत को दो लाख रुपए दिए जाएंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले इन कॉम्पलेक्स के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सामुदायिक स्वच्छता परिसर के स्थान का चयन आबादी भूमि पर सहमति अथवा उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर किया जाएगा। जहां पर अधिक व्यक्तियों का आवागमन रहता है। इसके अलावा ऐसी सामुदायिक बस्तियां जहां व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थियों के पास निजी स्थान उपलब्ध नहीं हो अथवा कम हो। यह निर्णय ग्राम पंचायत द्वारा कराया जाएगा।
इसके लिए पंचायत की ओर से संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी लिखित रूप से वहन करने का प्रस्ताव भी देना होगा। सार्वजनिक स्थानों पर सामुदायिक स्वच्छता परिसरों को भुगतान कर उपयोग में लेने तथा सामुदायिक बस्तियों में उचित मासिक शुल्क लेकर सफाई एवं संचालन पर व्यय किया जाएगा।
कॉम्पलेक्स में होगा यह, करा सकेगी निर्माण
स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक निजामुद्दीन ने बताया कि सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण में उपयुक्त संख्या में शौचालय, स्नान घर, वॉशबैसिन एवं हाथ धोने का स्थान होना चाहिए। जिस पर आमजन आसानी से पहुंच सके। इसके निर्माण में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत २ लाख रुपए की सहायता से होगा।इसमें केंद्र सरकार का ६०, राज्य का तीस और ग्राम पंचायत का दस फीसदी राशि १० ग्राम पंचायत वहन करेगी।
& 'गांवों में शौच जाने के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। गांवों में जल्द सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कराया जाएगा। इसमें केंद्र, राज्य व ग्राम पंचायत का पैसा लगेगा। सभी विकास अधिकारियों को इसके आदेश जारी कर दिए।Ó
मुरलीधर प्रतिहार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, ंबंूदी





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