श्रीगंगानगर.
जिले के गांव दो एच बड़ा मदेरां में बुधवार रात विषाक्त भोजन के सेवन से ११ लोगों की हालत बिगड़ गई। उन्हें गुरुवार सुबह उपचार के लिए राजकीय जिला चिकित्सालय लाया गया। घायलों के चिकित्सालय पहुंचते ही अफरा-तफरी का महौल हो गया। चिकित्सालय की आपातकालीन इकाई के स्टाफ ने रोगियों को संभाला तथा उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। रोगियों में तीन की हालत नाजुक है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव दो एच बड़ा मदेरां के एक परिवार में बुधवार रात भोजन में कढ़ी बनाई गई।
आशंका जताई जा रही है कि संभवत: इस दौरान भोजन कोई विषैला जानवर गिर गया। इससे भोजन विषाक्त हो गया। भोजन करने के बाद सभी लोग गए लेकिन सुबह सभी अचेत मिले। गांव के एक निजी विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि इस परिवार के बच्चे उम्र में काफी छोटे होने के कारण वह उन्हें अपने साथ स्कूल ले जाता था। गुरुवार सुबह जब वह उनके परिवार में पहुंचे तो सभी लोग अचेत मिले। मामले का पता लगने पर उन्होंने ग्रामीणों और गांव के प्रमुख लोगों को इसकी जानकारी दी। इस पर ग्रामीणों ने परिवार के सभी ग्यारह सदस्यों को चिकित्सालय में भर्ती करवाया। यहां तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।
चिकित्सालय स्टाफ ने संभाला
चिकित्सालय के स्टाफ ने रोगियों को संभाला। उन्होंने रोगियों को प्राथमिक उपचार दिया तथा जहर का असर कम करने के लिए प्रयास शुरू किए।
जिले के गांव दो एच बड़ा मदेरां में बुधवार रात विषाक्त भोजन के सेवन से ११ लोगों की हालत बिगड़ गई। उन्हें गुरुवार सुबह उपचार के लिए राजकीय जिला चिकित्सालय लाया गया। घायलों के चिकित्सालय पहुंचते ही अफरा-तफरी का महौल हो गया। चिकित्सालय की आपातकालीन इकाई के स्टाफ ने रोगियों को संभाला तथा उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। रोगियों में तीन की हालत नाजुक है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव दो एच बड़ा मदेरां के एक परिवार में बुधवार रात भोजन में कढ़ी बनाई गई।
आशंका जताई जा रही है कि संभवत: इस दौरान भोजन कोई विषैला जानवर गिर गया। इससे भोजन विषाक्त हो गया। भोजन करने के बाद सभी लोग गए लेकिन सुबह सभी अचेत मिले। गांव के एक निजी विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि इस परिवार के बच्चे उम्र में काफी छोटे होने के कारण वह उन्हें अपने साथ स्कूल ले जाता था।





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