कोटड़ा . उपखण्ड मुख्यालय स्थित जनजाति आवासीय छात्रावास के छात्रों ने गुरुवार रात को जमकर उत्पात मचाया। उत्पादी छात्रों ने शिक्षकों के घरों पर जमकर पत्थर बरसाए। छात्रावास परिसर में रहने वाले दो शिक्षकों के परिवारों की जान सकते में आ गई।
रात को बिजली गुल होने पर छात्र छात्रावास परिसर रह रहे वार्डन शिवदत्त शर्मा और अध्यापक विपिन गुप्ता के घर पहुंचे। शिक्षक विपिन कुछ काम से बाहर गए हुए थे। उनकी पत्नी मनीषा ने बच्चों सहित सुरक्षित जगह बैठकर जान बचाई। फोन पर सूचना मिलने पर शिक्षक गुप्ता साथियों के साथ घर पहुंचे, लेकिन उन पर भी पत्थर बरसने लगे। बमुश्किल घर में घुसे। पुलिस से मदद नहीं मिली। दो जने बमुश्किल घर से निकल उपखण्ड कार्यालय पहुंचे। उपखण्ड अधिकारी महिपाल सिंह को घटनाक्रम बताया। आखिर कोटड़ा प्रधान मुरारीलाल बुम्बरीया के फोन करने पर कोटड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्रवार सुबह छात्र उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुंचे। वार्डन बदले जाने को लेकर ज्ञापन दिया। इस पर उपखण्ड अधिकारी छात्रावास पहुंचे। छात्रों से बात कर पुन: पूर्व वार्डन को छात्रावास का कार्यभार सौंपा।
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पीडि़त परिवारों ने बताया कि निवास के तीनों ओर से पत्थर बरसाए। खिड़कियों पर लगे शीशे टूट गए। पत्थर जालियां तोडक़र अंदर गिरे। छात्रों ने छात्रावास में रखी पानी की टंकियों, बर्तनों को भी बाहर फेंक दिया। रात करीब 11 बजे पुलिस के पहुंचने पर छात्र काबू में आए। अध्यापकों ने कई बार फोन पर पुलिस को सूचना दी। कई चक्कर उपखण्ड अधिकारी कार्यालय के लगाने के बाद भी कोई मदद नहीं मिली। प्रधान की ओर से हस्तक्षेप करने पर 2 घंटे बाद पुलिस घटनास्थल पहुंची। इससे पूर्व उपखण्ड अधिकारी ने उपद्रव की जानकारी लेने के लिए संबंधित अधिकारियों को फोन किया तो अधिकारियों ने मामला नियंत्रण में होना बताया, जबकि उस दरमियान पत्थरबाजी जारी थी। बीच बचाव के लिए पहुंचे लोग भी उपद्रव में फंस गए।आवासीय जनजाति छात्रावास के छात्रों ने वार्डन बदले की मांग को लेकर परिसर में उत्पात मचाया था।





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