जयपुर। नगर निगम गुलाबी नगर के चारदीवारी इलाके की करीबन 5 हजार गंदी गलियों की सफाई करवाने में नाकाम साबित हुआ है। निगम की यह नाकामी अब जयपुर को विश्व धरोहर घोषित करने की राह का रोड़ा बन सकती है। इसे देखते हुए यूनेस्को टीम के 20 सितम्बर 2018 को प्रस्तावित दौरे के दौरान गंदी गलियों को छिपाया जाएगा। जैसे प्रधानमंत्री मोदी के दौरे में कठपुतली नगर कच्ची बस्ती को सफेद पर्दे लगाकर छिपाया गया था। निगम गंदी गलियों में पर्दे तो नहीं लगवाएगा, बल्कि यूनेस्को टीम का रूट इस तरह से तैयार किया जाएगा कि गंदी गलियां उसमें आए ही नहीं।
जानकारी के अनुसार यूनेस्को टीम 20—21 सितम्बर को दो दिन तक जयपुर शहर के चारदीवारी इलाके का दौरा करेगी। यूनेस्को टीम चारदीवारी इलाके की प्राचीन दीवार, हवामहल, जंतरमंतर, छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़ और ईसरलाट सहित पुरा धरोहरों का निरीक्षण करेगी। इसके अलावा जयपुर के बाजारों, बरामदों, चौकड़ी मोदीखाना और चौकड़ी खाना विशेसरजी को भी देखेगी। यूनेस्का टीम में आए प्रतिनिधि शहर के रिहायशी इलाकों में भी जाएंगे। चारदीवारी इलाके की प्राचीन बसावट में दो मकानों की बीच बनी करीबन 5 हजार गंदी गलियां हैं, जिनकी बरसों से सफाई नहीं हो पाई है। इनमें फैली गंदगी से यूनेस्को टीम पर गलत इम्प्रेशन जा सकता है।
2 दिन परकोटा दिखेगा स्वच्छ, अतिक्रमण मुक्त
यूनेस्को टीम के दौरे के दौरान चारदीवारी इलाके को उसी तरह से साफ सुथरा बनाया जाएगा, जैसा स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान स्वच्छ बनाया गया था। सर्वेक्षण से पहले चारदीवारी इलाके के अतिक्रमण हटा दिए गए थे और सड़कों किनारे कचरा डालने पर रोक लगा दी गई थी। ठीक वैसा ही यूनेस्को टीम के दौरे से पहले किया जाएगा। नगर निगम 20—21 सितम्बर को स्वच्छता सर्वेक्षण की तरह सक्रिया नजर आएगा। यूनेस्को टीम के दौरे में चारदीवारी इलाके की यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। यूनेस्को टीम के रूट पर यातायात को बेहद कम रखा जाएगा।
बनेगा रूट, इसी महीने होगी रिहर्सल
जयपुर को विश्व धरोहर दर्जा दिलाने की तैयारियों की समीक्षा के लिए कल राजस्थान पुरातत्व एवं कला—संस्कृति विभाग, केन्द्रीय पुरातत्व विभाग, जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, पर्यटन विभाग, आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण, नगर निगम जयपुर, स्वायत्त शासन विभाग और यातायात पुलिस के अधिकारियों की बैठक हुई। केन्द्रीय पुरातत्व विभाग दिल्ली के ज्वाइंट डायरेक्टर जनरल (वल्र्ड हेरिटेज) जॉनविज शर्मा और एएसआई जयपुर के कंवर सिंह विश्व धरोहर प्रोजेक्ट अधिकारी के रूप में बैठक में शामिल हुए। कंसल्टेंट फर्म द्रोणा की कंसल्टेंट शिखा जैन, जयपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की स्पेनिश कंसल्टेंट फर्म इप्टिसा के टीम लीडर और इतिहासकार रीमा हूजा ने भी तैयारियों को लेकर अपनी राय दी। इस बैठक में ये निर्णय किया गया कि यूनेस्को टीम का रूट तय कर दौरे की रिहर्सल अगस्त में ही कर ली जाए।
नाइट बाजार वॉक होगी शामिल
यूनेस्को टीम को चारदीवारी इलाके की हेरिटेज विरासत के साथ—साथ नाइट बाजार वॉक को भी शामिल किया जाएगा। टीम में आए प्रतिनिधियों को जयपुर के बाजारों में लाइटिंग इल्यूमिनेशन दिखाया जाएगा। जयपुर में नाइट बाजार को भी खासियत के तौर पर पेश किया जाएगा।





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