पोकरण. मेला अवधि में पोकरण आने वाले श्रद्धालुओं के लिए माकूल व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है।
गौरतलब है कि बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के बाद आधे से अधिक श्रद्धालु बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज के आश्रम के दर्शनों के लिए पोकरण आते है। इस दौरान पोकरण में भी मेले जैसा माहौल हो जाता है तथा मेले के दौरान बालीनाथ आश्रम पर लगातार डेढ माह तक श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें लगती है, लेकिन यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं को खासी परेशानी होती है।
सडक़ पर जख्म ही जख्म
बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज का आश्रम सालमसागर व रामदेवसर तालाब के पीछे स्थित है। यहां तक जाने के लिए दो रास्ते है। रामदेवरा से आने वाले यात्री जैसलमेर रोड, रामदेवसर तालाब होकर आते है। जबकि जोधपुर की तरफ से आने वाले यात्री व्यास सर्किल से फोर्ट रोड होकर आश्रम पहुंचते है। कस्बे के दोनों मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। यहां जगह-जगह गड्ढ़े बने है। गत एक दशक से इस सडक़ की सुध नहीं ली गई है। ऐसे में यहां से आवागमन करने वाले राहगीरों, श्रद्धालुओं व वाहन चालकों को खासी परेशानी होती है। मेले के दौरान बालीनाथ महाराज के आश्रम से रामदेवसर तालाब तक श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें लगती है। इस दौरान यहां क्षतिग्रस्त सडक़ के कारण उन्हें खासी परेशानी होती है, लेकिन सडक़ की मरम्मत को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बारिश में कोढ़ में खाज की स्थिति
एक तरफ क्षतिग्रस्त सडक़, तो दूसरी तरफ बारिश से जमा कीचड़ कोढ में खाज का काम करता है। क्षतिग्रस्त सडक़ व गड्ढ़ों में बारिश का पानी जमा हो जाता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। यहां कतार लगना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार श्रद्धालु कीचड़ के बीच खड़े होते है। लम्बी कतार के चलते दो से तीन घंटे तक कीचड़ में खड़े रहने से श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से यहां व्यवस्थाओं को दुरस्त करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शीघ्र होगा सडक़ का निर्माण
जैसलमेर रोड से रामदेवसर तालाब होते हुए बालीनाथ महाराज के आश्रम तक सीमेंट कंकरीट रोड व फोर्ट रोड से आश्रम तक डामर रोड निर्माण के टेण्डर कर कार्यादेश दे दिए गए है। ठेकेदार को पाबंद कर शीघ्र ही कार्य शुरू किया जाएगा।
-जोधाराम विश्रोई, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका, पोकरण।





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