पीडब्ल्यूडी की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद शहर में काली मोरी फाटक के निकट करीब 50 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे एसी शौचालय का निर्माण को लेकर अब जिला कलक्टर निर्णय करेंगे। नगर परिषद की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य पर दो दिन पहले पीडब्ल्यूडी ने आपत्ति जताई कि जमीन पीडब्ल्यूडी की है। उनसे अनुमति नहीं ली गई जबकि यहां रेलवे का अण्डर पास बनाए जाने की मांग चल रही है। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि जिला कलक्टर की मौजूदगी में पिछले दिनों बैठक में यहां शौचालय बनाए जाने की स्वीकृति मिली है।
जैसे ही शौचालय बनाए जाने की खबर पटरी पार के लोगों को मिली तो उनमें भी रोष व्याप्त है। पार्षद नवजोत सिंह भमलोत का कहना है कि जनता की सबसे बड़ी जरूरत रेलवे अण्डरपास है। इसके अभाव में बच्चे, बुजुर्ग व विकलांग लोगों को पटरी पार करने का जोखिम उठाना पड़ रहा है। पुल से आने-जाने का रास्ता काफी लम्बा पड़ जाता है। मजबूरी में लोगों को आसपास से पटरी पार करनी पड़ती है। यहां मांग मुख्यमंत्री तक भिजवाई जा चुकी है। बीच में इस मांग पर सरकार ने रेलवे अण्डर पास बनाने का आश्वासन भी दिया। अब अचानक यहां शौचालय बनाया जा रहा है ताकि फिर जमीन नहीं होने का हवाला देकर जनता को टरकाया जा सके।
कालीमोरी के यहां शौचालय बनाया जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में जिला कलक्टर की मौजूदगी में मौखिक सहमति मिल गई थी। अब जो स्थिति सामने आ रही है उसमें जल्द ही उच्च स्तर पर चर्चा कर निर्णय करेंगे। रामकिशोर मीना, आयुक्त, नगर परिषद, अलवर।
हमने काम रोकने को नगर परिषद को कहा है। जमीन पीडब्ल्यूडी की है और उनको पता नहीं है कि उनकी जमीन में सुलभ कॉम्पलेक्स बनाया जा रहा है जबकि यहां पर रेलवे अण्डर पास की मांग भी चल रही है।
एमएल मीना, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी अलवर





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