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सलाखें भी न रोक सकी बहनों का प्यार

श्रीगंगानगर.

राखी के त्योहार पर सुबह से ही जिला कारागार परिसर में बहनों की भीड़ लगी रही। यहां बहनों ने कलाई पर राखी बांधी तो जेल में बंद भाइयों की आंखों में आंसू आ गए। वहीं बहनें भी अपने भाई को सलाखों के पीछे देखकर आंसू नहीं रोक पाईं। जिला कारागार में सुबह दस बजे के बाद से ही बहनें अपने परिजनों के साथ भाई से मिलने आने लगी थी।

दोपहर तक वहां काफी भीड़ जमा हो गई। रक्षाबंधन के मद्देनजर जेल में बहनों के लिए विशेष व्यवस्था की गई। मिलनी करने वाले स्थान पर बंदियों को लगाया गया था। वहां सलाखों में से भाइयों ने अपने-अपने हाथ आगे कर दिए और बहनों ने उन्हें तिलक लगाकर राखी बांधी।


रक्षा बंधन पवज़् रविवार को हषोज़्ल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांध कर दीघायज़्ु की कामना की। इस बार पवज़् पर भद्रा का साया नहीं पडऩे से रक्षा सूत्र बांधने का सिलसिला दिन भर चला। रक्षा बंधन के कारण रविवार को बसों और रेल गाडिय़ों में भारी भीड़ रही। राजस्थान रोडवेज ने महिलाओं को साधारण और द्रुतगामी बसों में मुफ्त यात्रा का तोहफा दिया था, सो रोडवेज की बसों क्षमता से अधिक सवारियां थी। महिला संगठनों ने सेना और सीमा सुरक्षा बल के जवानों को रक्षा सूत्र बांधे। रक्षा बंधन पर मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। पूजा अचज़्ना के बाद भगवान को भी रक्षा सूत्र अपिज़्त किए गए।

ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं में इस पवज़् के प्रति गहमागहमी रही। भारत पाकिस्तान अन्तरराष्ट्रीय सीमा हिन्दुमलकोट चेक पोस्ट पर भी महिलाओं ने वहां ड्यूटी कर रहे बीएसएफ जवानों के कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे। वहीं कई रोगियों को उनकी बहनों ने राजकीय जिला चिकित्सालय में पहुंचकर रक्षा सूत्र बांधे।

रविवार को भी बाजार में राखियों की खूब बिक्री हुई। सबसे ज्यादा बिक्री केन्द्रीय बस स्टैण्ड और रेलवे स्टेशन के आसपास दुकानों पर रही। इस बार पिछली बार की अपेक्षा मिठाइयों की कम बिक्री हुई। रोडवेज बसों में महिलाओं की नि:शुल्क यात्रा का असर लोक परिवहन बसों पर अधिक रहा।

लोक परिवहन बसों में सामान्य दिनों की तुलना में यात्री कम दिखाई दिए। श्रीगंगानगर आगार की सूरतगढ़, हनुमानगढ़, श्रीकरणपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ रूट पर अधिक बसों की फेरे लगाए गए। रोडवेज के यातायात प्रबंधक रवि ने बताया कि सामान्य दिनों की अपेक्षा रविवार को करीब 30 प्रतिशत यात्रीभार अधिक था।



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