प्रसव पीड़ा के दौरान हुई महिला की मौत के मामले में मंगलवार को काफी जद्दोजहद के बाद बिना पोस्टमार्टम के शव परिजनों को सौंपा जा सका। हालांकि एक बार पुलिस ने शव परिजनों को सौंप भी दिया था, लेकिन बाद में उपखण्ड अधिकारी से मिले निर्देश पर शव को वापस भिवाड़ी लाया गया और फिर जरूरी कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा।
पुलिस के अनुसार रामपुरा मुंडाना में रह रही बिहार निवासी महिला सुनीता (22) पत्नी सोनू को सोमवार देर रात प्रसव पीड़ा हुई तो उसे एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन प्रसव पीड़ा के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन मंगलवार सुबह उसे लेकर भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल पहुंचे तो चिकित्साकर्मियों ने उसे मृत देख इसकी सूचना पुलिस को दी। इस पर फूलबाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया।
पुलिस ने मृतका के पीहर एवं ससुराल पक्ष से घटनाक्रम की जानकारी ली। परिजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। दोपहर करीब दो बजे परिजन शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही गांव ले गए और उसके अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। लेकिन इसी बीच, तिजारा के उपखण्ड अधिकारी खुशाल यादव से मिले निर्देश पर पुलिस महिला के शव को वापस भिवाड़ी अस्पताल लेकर आई। काफी देर इंतजार करने के कारण परिजनों ने कुछ देर अस्पताल में नाराजगी भी जताई। करीब साढ़े चार बजे तिजारा के एसडीएम यादव भिवाड़ी अस्पताल आए और मृतका के परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने उनसे भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने का आग्रह किया, लेकिन इसके बाद भी शव नहीं मिलता देख परिजन शव को अस्पताल में ही छोडकऱ चले गए। इसके बाद उपखण्ड अधिकारी ने पुलिस को कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस ने बाद में मृतका के पीहर एवं ससुराल पक्ष की सहमति पर कानूनी कार्रवाई कर बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस को जरूरी निर्देश दिए हैं। पुलिस से रिपोर्ट मांगी है, जो अभी नहीं मिली है। पुलिस से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खुशाल यादव, एसडीएम, तिजारा।





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