श्रीगंगानगर। पानी के बहाव के साथ पंजाब से आई कैलियों से कई नहरें टूटने की कगार पर हैं। गंग नहर की सबसे बड़ी वितरिका एफ नहर में कैलियों आने से सिंचाई विभाग हरकत में आया और जेसीबी मशीन लगाकर काम शुरू कराया। दरअसल शुक्रवार रात को मिर्जेवाला रेलवे पुल से लेकर 2 किमी तक नहर में कैलियों की डाफ लग गई। इससे पानी ऑवर फ्लो होकर सड़कों तक जा पहुंचा।
डाफ निकालने में जेसीबी की ली मदद
ग्रामीणों ने सुबह जब नहर में देखा तो सिंचाई विभाग को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों ने जेसीबी मशीनें लगाकर काम शुरू कराया गया। लेकिन नहर में डाफ लगने के कारण पटरियों पर सीलन जा पहुंची।
नहर का 50 क्यूसेक पानी कम किया
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने एक बड़ी जेसीबी और चार छोटी जेसीबी की सहायता से कैलियों को निकालने का काम शुरू किया। पंजाब से कैलियों की आवक जारी रही। वहीं रेलवे की अनुमति मिलने के बाद दो जेसीबी लगाकर रेलवे लाइन के पास नहर से कैलियां निकाली। नहर को टूटने की कगार को देखते हुए सिंचाई विभाग ने 50 क्यूसेक पानी नहर से कम करवा दिया गया। देर शाम तक चार जेसीबी कैलियों को निकालने का काम जारी रहा।
किसानों को कम मिल पाता है पानी
पिछले महीने भी नहर में दो बार कैलियां आ गई थी। इसके चलते पानी रेलवे पुल को छू गया था। ऐसे में किसानों का कहना है पानी कम होने से किसानों को मिलने वाला पानी की बारी प्रभावित होती हैं और खेती के लिए पानी भी कम मिल पाता है। मिर्जेवाला के दौलतपुरा बॉर्डर एरिया से निकलने वाली एच नहर में भी कैलियों की अधिक मात्रा से नहर ऑवर फलो हो गई। यहां भी सिंचाई विभाग काम में जुटा रहा। वहीं नहर की पुलिया के नीचे डाफ लग जाने से पानी सड़क तक जा पहुंचा।





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