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अलवर में वीआईपी के लिए नहीं कोई नियम, एक-दो जगह से टूटने पर पेचवर्क के बजाए बना दी नई सडक़

अलवर. कई साल से शहर की सडक़ों की सुध नहीं ली और अब बारिश के समय पेचवर्क की बजाय नई रोड बनाकर पैसे को पानी की तरह बहाया जा रहा है। खासकर कुछ वीआईपी रोड की सुध लेने की जल्दबाजी है। तभी तो बारिश के सीजन में शहर की बड़ी रोड बनाई जा रही हैं। जबकि कभी भी बारिश हो सकती है। जोरदार बारिश आने का मतलब कई करोड़ रुपए की सडक़ें बनने से पहले बिखर जाएंगी। जिसे देख जानकार ही नहीं आमजन भी अचम्भित हैं कि बारिश में अक्सर पेचवर्क का कार्य होता है। बड़ी व पूरी सडक़ तो बारिश के बाद ही बनती रही है।

पेचवर्क की बजाय ये वीआईपी रोड बना रहे

शहर में कुछ वीआईपी रोड बनाने पर ध्यान दिया जा रहा हैं। जैस एसएमडी से भवानीतापे वाली सडक़। यह सडक़ कुछेक जगह से खराब है। पेचवर्क में भी काम चल सकता है। लेकिन अब पूरी बन रही है। बिजली घर चौराहे से रेलवे स्टेशन तक भी रोड अधिक खराब नहीं है। यह भी बन रही है। जबकि पूरा शहर खुदा पड़ा है। वहां पेचवर्क भी नहीं लगाया जा रहा है। जिसका कारण पूछने पर अधिकारी यही बात दोहराते रहे हैं कि अभी बारिश हो रही है। इसलिए सडक़ बनाने का कार्य नहीं किया जा सकता।

कार न जाएगी न आएगी

बारिश के कारण डाक बंगले के बगल में स्थित फ्लैट के सामने पूरी रोड खोद डाली। यह बचाव रहा कि कई दिन से बादल रूठे हुए हैं। वरना यह सडक़ तो जोहड़ बन जाती है। जिसे करीब डेढ़ फीट तक खोदा गया। अब आधी अधूरी सडक़ बनी है। आसपास के फ्लैट में आने-जाने का रास्ता बंद है। जिसकेा लेकर लोग शिकायत भी कर रहे हैं। आमजन का कहना है कि कम से कम कार के निकलने का रास्ता तो छोडऩा चाहिए। पिछले तीन दिन से कई जनों केचौपहियावाहन एक ही जगह खड़े हैं।


बारीक लेयर देख चौक रहे लोग

स्टेशन रोड पर बीटी की बिल्कुल बारीक लेयर डाली जा रही है। जिसे देखकर लोग अचम्भित हैं। उनका कहना है कि इतनी पतली परत कैसे रुक सकेगी। जबकि ठेकदार व कर्मचारियों ने बताया कि अभी केवल 60 मिमी की पतर चढ़ी है। इतनी ही मोटी परत और आएगी। बिजली घर चौराहे से स्टेशन रोड की तरफ सडक़ बनाने में तीन रोलर, लेयर मशीन, ट्रैक्टर व करीब दस डम्पर लगे हुए थे। तेजी से काम चल रहा था। बीच में जब बूंदाबांदी होने लगी तो ठेकेदार के कर्मचारियों की चिंता भी बढ़ी। लेकिन बारिश रुक गई।


बारिश में बना सकते हैं रोड

बारिश में भी रोड बनाई जा सकती है। पहले पीएचईडी व सीवर लाइन का कार्य चल रहा है। उनका काम पूरा होने के बाद सडक़ बनाई जा रही है। पुरानी सडक़ को बनाने में बारिश से कोई फर्क नहीं पड़ता है।

एमएल मीना, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी अलवर

तारकोल व पानी का बैर : नहीं बन सकती बीटी रोड

देखिए तारकोल व पानी का बैर है। बारिश के मौसम में सीसी रोड तो बनाई जा सकती है। लेकिन बीटी नहीं। बीटी रोड बनाते ही बारिश हो गई तो खराब हो जाएगी। सीसी रोड बनने के बाद बारिश आती है तो उल्टा फायदा ही होता है। यूआईटी की ओरसे बारिश के मौसम में बीटी रोड बनाने से बचा जाता है। वैसे बारिश में तो बीटी रोड बनाने में बचना भी चाहिए। अब कुछ दिन से मौसम खुला है। इस कारण पीडब्ल्यूडी की सडक़ बनाई जा रही होंगी। यह उनका निर्णय है।

पीके जैन, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, यूआईटी अलवर



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