कोटा बंद के दौरान गुमानपुरा स्थिति केईडीएल दफ्तर के सामने दिन भर शक्ति प्रदर्शन होता रहा। केईडीएल भगाओ कोटा बचाओ अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने निजी बिजली कंपनी के कार्यालय में घुसने की कोशिश की, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस ने नाकाम कर दिया। इसे लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हुज्जत भी हुई।
केईडीएल मुख्यालय में बवाल की आशंका को देखते हुए शुक्रवार सुबह से ही निजी बिजली कंपनी के दफ्तर के चारों तरफ भारी पुलिस जाप्ता तैनात कर दिया गया था। बंद के दौरान केईडीएल भगाओ कोटा बचाओ अभियान के संयोजक हिम्मत सिंह हाड़ा और उनके समर्थक सुबह 11 बजे ही केईडीएल कार्यालय पर प्रदर्शन करने जा पहुंचे। इन्होंने पहले तो बिजली कंपनी के कार्यालय में घुसने की कोशिश की, लेकिन पहले से मौजूद पुलिस ने रोक दिया। हालांकि इसे लेकर करीब 15 मिनट तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जोर अजमाइश चलती रही। दफ्तर तक पहुंचने में नाकाम रहे कार्यकर्ताओं ने गुमानपुरा रोड़ पर टायर जलाकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। काफी समझाइश के बाद वहां से हटे और कांग्रेस कार्यालय के बाहर बने धरना स्थल पर आ जमे। यह कार्यकर्ता पूरे दिन यहीं जमे रहे।
दिखी गुटबाजी
केईडीएल के विरोध में कोटा बंद के ऐलान ने कांग्रेस की एकजुटता की पोल भी खोल दी। जिला शहर महासचिव हिम्मत सिंह हाड़ा गुमानपुरा में प्रदर्शन कर रहे थे। जबकि जिलाध्यक्ष रविंद्र त्यागी शहर में बाइक रैली निकाल रहे थे। जब ये रैली धरना स्थल के सामने से गुजरी तो दोनों के ही समर्थक एक दूसरे के पक्ष में नारेबाजी करते दिखे। वार्ड पार्षद राखी गौतम, युवक कांग्रेस और महिला कांग्रेस आदि फ्रंट विरोध के लिए भी एक मंच पर नहीं जुट सके।
दिन भर रहा मजमा
कोटा बंद के दौरान बंद समर्थकों का पूरा जोर केईडीएल कार्यालय पर प्रदर्शन करने पर रहा, लेकिन जो भी गुट यहां प्रदर्शन करने आता पुलिस कर्मी उसे आगे बढ़ा देते। जिसके चलते पूरे दिन यहां प्रदर्शनकारियों का मजमा लगा रहा।





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