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वीडियो: चार पीढ़ी से बेच रहे मालपुए, वर्ष में केवल हरियाली अमावस्या पर ही खुलती है दुकान

प्रतापगढ़. जी, हां। शहर में एक दुकान ऐसी भी है जो साल में मात्र एक बार खोली जाती है। हर वर्ष हरियाली अमावस्या के पर्व पर यह दुकान खोली जाती है। दुकानदार ओमप्रकाश पालीवाल ने बताया कि हर वर्ष हरियाली अमवास्या पर यह दुकान खोली जाती है। जहां केवल मालपुएं ही बेचे जाते है। शहर के केशवराय मंदिर के पीछे यह दुकान करीब 60 साल पुरानी दुकान है। दुकानदार ने बताया कि 4 पीढ़ी से यह काम करते हुए आ रहे है।
लोगों की लगी रहती है भीड़
एक साल में हरियाली अमावस्या पर खुलने वाली दुकान पर मालपुए खरीदने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी हुई रहती है। साल में एक बार दुकान खुलने के चलते लोगों में मालपुएं खरीदने का एक अलग ही उत्साह रहता है।
पर्यावरण बचाने व पुरानी पीढ़ी के अनुसार आज भी मालपुएं पलाश के पत्तों में दिए जाते है।
आज भी लगाते है पुराना ताला
दुकान मालिक ने बताया कि इस दुकान पर आज भी कई वर्षों पुराना हाथों से बना ताला ही लगाया जाता है। यह ताला वर्तमान के तालों से कई गुना मजबूत होता है।

 

 

हरियाली अमावस्या पर चहक उठे प्र्राकृतिक स्थल
प्रतापगढ़ हरियाली अमावस्या पर शनिवार को कई जगह मेले के आयोजन हुए। वहीं शहर, कस्बो और गांवों में मालपुए की महक उठी।भाटपुरा में मेले का आयोजन किया गया।जिसमें शहरवासियों ने लुत्फ उठाया।वहीं शहर में दुकानों पर मालपुओं की खासी बिक्री हुई।भंवरमाता, कामाता, गौतमेश्वर में मेले के आयोजन हुए।
छोटीसादड़ी निकटवर्ती अरावली की पर्वत श्रंखलाओं में स्थित मेवाड़, मालवा व कांठल के प्रमुख शक्तिपीठ भंवरमाता में मेले में खासी भीड़ रही।
भंवरमाता दर्शनीय स्थल विकास व सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित एक दिवसीय हरियाली अमावस्या के मेले में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने देवी मां के दर्शन किए। झरने में नहाने का आनन्द उठाया। इस दौरान मंदिर में अंदर व बाहर दिनभर कतारें लगी रही। इस दौरान माता के जयकारें गूंजे।
राजस्थान, मध्यप्रदेश व क्षेत्र से लोगों का आने का क्रम सुबह से शुरू हुआ जो देर शाम तक चलता रहा। मेले में लगी दुकानों से लोगों ने खरीद-फरोख्त की। हरितिमा के बीच बैठ कर परिवार सहित पिकनिक भी मनाई। साथ ही मालपुओं, पकोडों व अन्य खाद्य पदार्थो का लुत्फ उठाया।
मेले में व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे। इसके अलावा महावीर इन्टरनेशनल के कांतिलाल दक, मार्तण्डराव मराठा, भारत स्काउट गाइड के छगनलाल बलाई व छात्र-छात्राएं एवं नगर की सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओ के साथ भंवरमाता दर्शनीय स्थल व सेवा ट्रस्ट के प्रहलादराय साहू, राजमल माली, अनिल, लक्ष्मीनारायण अजय, सुमित ने भी सहयोग किया।
कामाता मेले में उमडा जनसैलाब
मेरियाखेडी मेरियाखेडी के निकट कामाता मेले में लोगों ने मेले का लुप्त उठाया। यहां पहाड़ी स्थित कामाता मंदिर में हरियाली अमावस्या पर मेला लगा। मेले में लोगों ने पहाडियों में छाई हरियाली का लुप्त उठाया। सुबह से ही माता के दर्शन के लिए भीड़ रही। मेले में लोगों ने पकोड़ी, मालपुए की खूब बिक्री हुई।यहां 18 0 फीट ऊंचाई से गिरने वाला झरने का नजारा काफी खूबसूरत रहा।
सालमगढ़ हरियाली अमावस्या पर नीलकंठ महादेव मंदिर पर दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इसके अलावा श्री गोपाल कृष्ण गोशाला में गौ माताओं को लापसी खिलाई गई। गौशाला परिसर में पौधारोपण किया गया। इसके अलावा हाट में विशेष खरीददारी की भीड़ रही।



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