सवाईमाधोपुर . मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा का आगाज 16 अगस्त को रणथम्भौर दुर्ग स्थित रणथम्भौर गणेश मंदिर में पूजा कर होगा, लेकिन सीएम दुर्ग तक कैसे पहुंचेगी। इसके लेकर अभी तक संशय बरकरार है। क्योंकि अब तक सीएम का हेलीकॉप्टर दुर्ग में उतारने का कार्यक्रम था, लेकिन लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते इसमें अडंगा लग रहा है। इसके चलते प्रशासन इस बारे में कोई निर्णय नहीं कर पाया है।
यहां उतारना है प्रस्तावित
प्रशासन की ओर से दुर्ग में पद्मला तालाब के निकट स्थित पुष्प वाटिका पार्क में अस्थायी हेलीपेड बनाने की तैयारी की जा रही है। इस वाटिका में होकर पद्मला का रास्ता जा रहा है। हालांकि बत्तीस खंभों की छतरी के सामने वाले पार्क में भी जगह है, लेकिन वहां नहीं उतारा जाएगा।
ये हो सकता है विकल्प
अगर प्रशासन दुर्ग में हेलीकॉप्टर नहीं उतारता है तो शेरपुर हेलीपेड पर ही हेलीकॉप्टर उतारना होगा। शेरपुर हेलीपेड पर इसकी तैयारी की जा रही है। वहां से सीएम कार से रवाना होकर सिंहद्वार के सामने वाले जंगल के रास्ते से सतपोल गेट तक पहुंचेगी। जो मंदिर के पीछे वाला गेट है। वहां से पैदल चलकर गणेश मंदिर तक पहुंच सकती है।
गूगल मैप व विशेषज्ञों से रायशुमारी
दुर्ग में हेलीकॉप्टर उतारने के मामले में जिला प्रशासन पूरी जी जान से कोशिश कर रहा है। इसके लिए गूगल मैप के जरिए मौका स्थिति की जांच की जा रही है। साथ ही विमान पायलट भी यहां आकर मौका देखेंंगे। प्रशासन के अनुसार बुधवार शाम तक इस पर निर्णय हो सकेगा।
अब तक दुर्ग में एक बार ही उतरा हेलीकॉप्टर
गणेश मंदिर महंत संजय दाधीच का कहना है कि दुर्ग में अब तक सिर्फ एक बार ही हेलीकॉप्टर उतरा है। उस वक्त पूर्व सीएम भैंरो सिंह शेखावत पाली पुल का उद्घाटन करने आए थे। उस दिन बुधवार होने के कारण वे एकाएक रणथम्भौर दुर्ग हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे। इनके बाद कोई हेलीकाप्टर नहीं उतरा है। प्रदेश के एक राज्यपाल भी यहां आए थे, लेकिन उनको भी सुरक्षा कारणों से हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति नहीं मिली थी। ऐसे में उन्होंने सतपोल गेट से गणेश मंदिर पहुंचकर त्रिनेत्र के दर्शन किए थे।
दुर्ग में उतारना हो सकता है खतरा
सीएम का हेलीकॉप्टर दुर्ग में उतरना सुरक्षा की दृष्टि से खतरा भी हो सकता है। इस कारण प्रशासन निर्णय नहीं कर पा रहा है। ये हो सकते हैं खतरे
1. पुष्प वाटिका में अस्थायी हेलीपेड के पास तालाब है, जरा सी चूक से हादसा हो सकता है।
2. पुष्प वाटिक के चारों ओर ऊंची दीवार भी है, संतुलन बिगडऩे पर हेलीकॉप्टर टकरा भी सकता है।
3. हेलीकाप्टर की आवाज से दुर्ग के जर्जर स्मारक गिर भी सकते हैं।
4. रणथम्भौर दुर्ग पहाडिय़ों के बीच है और घने जंगल भी है, ऐसे में पायलट को रास्ता तलाशने में मुश्किल होगी।
इनका कहना है...
- सुरक्षा कारणों के चलते सीएम का हेलीकॉप्टर रणथम्भौर दुर्ग में उतारने को लेकर निर्णय नहीं हो पाया है। पूरी एक्सरसाइज करके बुधवार शाम तक निर्णय किया जा सकेगा। वैसे वैकल्पिक तौर पर शेरपुर हेलीपेड तैयार कर रहे हैं।
पीसी पवन, जिला कलक्टर, सवाईमाधोपुर





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