अलवर. नगर परिषद अलवर शहर में 456 नए सफाई कर्मचारी आने के बाद भी शहर की सफाई हो न हो कोई गारंटी नहीं है। लेकिन ठेकदारों की जेब जरूर हल्की हो जाएगी। उनका बिल करीब-करीब एक चौथाई ही रह जाएगा। नगर परिषद की सुस्ती के कारण नए कर्मचारियों ने काम तो शुरू कर दिया लेकिन अभी तक ठेकेदारों के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों को कम नहीं किया गया है। जिसकी रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है।
इस समय शहर की सफाई का ठेका तीन जोन में चल रहा है। जोन प्रथम का ठेका 28, जोन दो का 23.40 लाख व जोन तीन का 11.90 लाख रुपए का है। जिनमें कुल करीब 550 अस्थाई कर्मचारी लगे हुए हैं। अब नगर परिषद के पास करीब 450 नए सफाई कर्मचारी आ गए हैं। इनकी जगह अस्थाई कर्मचारियों को कम किया जाएगा। मतलब ठेकेदारों के करीब 100 से 125 कर्मचारी ही रखे जाएंगे।
150 पुराने स्थाई कर्मचारी
नगर परिषद के पास 150 पुराने स्थाई कर्मचारी हैं। जो करीब 9 वार्डों में सफाई कर रहे हैं। शेष करीब 42 वार्डों में अस्थाई कर्मचारी लगे हुए हैं। अब नए स्थाई कर्मचारी आने से करीब 35 से 40 वार्डों में स्थाई कर्मचारी लग जाएंगे। केवल 10 से 15 वार्डों में ही अस्थाई कर्मचारी लगाने पड़ेंगे। एक अस्थाई कर्मचारी को प्रति दिन 206 रुपए का भुगतान होता है। उसके अनुसार 450 कर्मचारी भी नए आएंगे तो करीब 27 लाख रुपए ठेकेदारों को प्रति माह कम देना पड़ेगा।
अब आगे की सफाई मॉनिटरिंग पर निर्भर
अब शहर में आगे की सफाई मॉनिटरिंग पर निर्भर करेगी। अच्छी मॉनिटरिंग हुई तो स्थाई कर्मचारियों से नियमित सफाई कराई जा सकेगी। अन्यथा आधे खुद नहीं आधे और आधे अपनी जगह दूसरों को भेजना शुरू कर देंगे। कभी आए कभी नहीं आए पैटर्न पर सफाई होने लग जाएगी।
हमारी तैयारी पूरी
हमने पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्दी सफाई समिति की बैठक में निर्णय किया जाएगा कि आगे से कितने वार्डों में स्थाई कर्मचारी लगाए जाने हैं। यह सही है कि जितने नए कर्मचारी आए हैं उतने कम हुए तो ठेकेदारों को बिल काफी कम हो जाएगा।
संजय शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद अलवर





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