श्रीगंगानगर.
चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति व मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने शुक्रवार सुबह अशोक नगर में संयुक्त कार्रवाई में तीन चूड़ा फैक्ट्रियों पर छापे मारे, जहां एक जगह बच्चे बेड के अंदर छिपे हुए मिले। कार्रवाई में तीनों जगह से 10 बच्चों को मुक्त कराया गया है। इनकी काउंसलिंग करने के बाद शाम को मेडिकल कराया गया और बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जा रहा है।
चूड़ा बनाते हुए मिले छह बच्चे
चाइल्ड लाइन के पदाधिकारियों ने बताया कि बुधवार को सूचना मिली थी कि जवाहरनगर थाना इलाके के अशोक नगर में कई चूड़ा फैक्ट्रियां चल रही है ओर उनमें बाहर से लाए गए बच्चों से काम कराया जा रहा है। इस सूचना पर शुक्रवार सुबह बाल कल्याण समिति अध्यक्ष लक्ष्मीकांत सैनी, सदस्य प्रदीप धेरड, जगदीश चंदेल व प्रभा शर्मा, चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक त्रिलोक वर्मा, कार्यकर्ता आसिफ अली, शेर सिंह, मानव तस्करी यूनिट के कार्यवाहक प्रभारी जगजीत सिंह व पुलिस जाब्ते ने अशोक नगर में एक मकान में छापा मारा। जहां चूड़ा बनाते हुए छह बच्चे मिले। जिनको यहां से मुक्त कराया गया। यहां एक कमरे में बच्चे चूड़ों पर नग लगा रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान वहां आसपास के लोग जमा हो गए। लोगों ने बताया कि उन्हें पता ही नहीं है कि बगल के घर में ही यह सब चल रहा है। यहां एक महिला ने काफी हंगामा कर दिया और एक बच्चे को वहां से नहीं ले जाने के लिए शोर करती रही।
इसी तरह अशोक नगर में दूसरे मकान पर छापे की कार्रवाई की गई, जहां कार्रवाई की भनक लगते ही चूड़ा फैक्ट्री चलाने वालों ने दो बच्चों को बेड में छिपा दिया तथा दो जनों को इधर-उधर कर दिया। जब दल ने मकान में इधर-उधर देखा तो बच्चे मिले। दो बच्चों को बेड खोलकर बाहर निकाला गया। यहां से चार बच्चों को मुक्त कराया गया है। इस मकान से आगे ही एक अन्य मकान पर छापा मारा गया है, जहां भारी मात्रा में तैयार चूड़े व चूड़े तैयार करने का सामान आदि मिला है।
बच्चों का कराया मेडिकल
यहां दल को एक भी बच्चा नहीं मिला। गली में एक अन्य मकानों में चली कार्रवाई के बाद यहां से बच्चों को इधर-उधर कर दिया गया। वहां बच्चों के काफी संख्या में जूते व चप्पल खुले हुए दिखाई दिए। कार्रवाई के दौरान भी आसपास के लोग जमा हो गए। इन बच्चों को मुक्त करवाकर मानव तस्करी विरोधी यूनिट के कार्यालय ले जाया गया। जहां उनकी काउंसलिंग की गई। यह सभी बच्चे बिहार के बताए जा रहे हैं। शाम को बच्चों का मेडिकल कराया गया। जिनको बाल कलयाण समिति के समक्ष पेश किया गया। इस मामले में फैक्ट्री चलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने की कार्रवाई की जा रही है।





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