चित्तौडग़ढ़. श्रावण मास के आखिरी सोमवार को एक ओर जहां शिव मंदिरों में अभिषेक व पूजन किए गए वहीं शहर में कावड़ यात्रा के भी आयोजन किए गए।
सुबह दुर्ग से भोइ्रखेड़ा तक भोईखेड़ा वासियों ने कावड़ यात्रा निकाली। इसमें करीब ढाई से तीन हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें करीब ११०० कावड़ यात्री शामिल थे। कावड़ यात्री कांधे पर जल के कावड़ लेकर चल रहे थे। अन्य श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए गीतों पर नृत्य करते चल रहे थे। प्राचीन खरड़ेवर महादेव मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दूध, दही, घी, शक्कर से पंचामृत बना कर भोलेशंकर का अभिषेक किया गया। साथ ही भगवान भोलेशंकर के समक्ष छप्पनभोग की झांकी सजाई गई। नागचण्डेश्वर, नीलकंठ महादेव, हजारेश्वर महादेव, संगम महादेव सहित दो दर्जन से अधिक शिवालयों में पूजा अर्चना करने सैंकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। खरडिय़ा महादेव मंदिर में शाम को बाबा अमरनाथ की झांकी सजाई गई। झांकी के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे।
जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां शुरू
चित्तौडग़ढ़. उपनगरीय क्षेत्र मीठारामजी का खेड़ा प्रतापनगर स्थित श्री सांवलिया सेठ के मन्दिर पर रविवार को सांयकालीन वेला में मन्दिर के पूजारी पं. मोहनलाल सुखवाल की अध्यक्षता में अमर विकास समिति के तत्वावधान में जन्माष्टमी तैयारी बैठक का आयोजन किया गया। मन्दिर के पुजारी पं. मोहनलाल सुखवाल ने कार्यों का विभाजन करते हुए विभिन्न समितियां बनाई तथा भगवान सांवलिया का विशेष शृंगार के लिए ताणा के जाने-माने स्वर्णकार मनोज सोनी से बनाई गई विशेष पोशाक धारण कराने का निर्णय किया। इसकी जिम्मेदारी सेवादार ओ.पी. सुखवाल को दी गई। समिति के सेवादार हेमेन्द्र सोनी को स्वंचालित झांकियों की जिम्मेदारी दी गई। सेवादार सत्यनारायण छीपा, मनीष रावल, पंकज दशोरा को प्रसाद, दर्शन व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में सेवादार विनोद शर्मा, उदयलाल सुखवाल, राजकुमार सुखवाल, भरत शर्मा, हरीश सुखवाल, राहुल सुखवाल, अंकित सुखवाल, मनीष सोनी, सुमित माहेश्वरी, पवन सोनी आदि उपस्थित थे।





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