अनूपगढ
कस्बे के राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की मांग के संबंध में शुक्रवार को कस्बा बंद रहा। चिकित्सालय के बाहर लगे धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कस्बे के राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं ने इन पदों पर चिकित्सक नियुक्त करवाने के लिए प्रयास नही किए। एेसे में नागरिकों को विधानसभा चुनाव में नोटा के पक्ष में वोट कर विरोध दर्ज करवाना चाहिए।
मांग के संबंध में बाजार बंद तथा धरना दूसरे दिन जारी रहा। अस्पताल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले लगे धरने को लगातार समर्थन मिल रहा है। वक्ताओं में कहा कि पिछले काफ ी समय से अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र चिकित्सक तथा सर्जन का पद रिक्त चल रहा है। धरने पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शैलेंद्र मल्ली, भजन कामरा, नगरपालिका अध्यक्ष निर्मला देवी गोदारा, उपाध्यक्ष साहिल कामरा सहित कई वक्ताओं ने सम्बोधित किया।
बाजार में पसरा सन्नाटा
अनूपगढ़ अस्पताल बचाओ संघर्ष समिति की ओर से बाजार बंद का आह्वान नहीं होने के बावजूृद दुकानदारों ने स्वेच्छा से दुकाने बंद कर धरना स्थल पर उपस्थिति दर्ज करवाई। पूरा दिन बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारिक संगठनों ने शनिवार को भी दुकाने बंद रखने का निर्णय किया है। फोटोग्राफर यूनियन तथा मोबाइल यूनियन के आह्वान के बाद सभी यूनियन अब एकजुट हो गई र्हं।
कस्बे के राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की मांग के संबंध में शुक्रवार को कस्बा बंद रहा। चिकित्सालय के बाहर लगे धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कस्बे के राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं ने इन पदों पर चिकित्सक नियुक्त करवाने के लिए प्रयास नही किए। एेसे में नागरिकों को विधानसभा चुनाव में नोटा के पक्ष में वोट कर विरोध दर्ज करवाना चाहिए। मांग के संबंध में बाजार बंद तथा धरना दूसरे दिन जारी रहा। अस्पताल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले लगे धरने को लगातार समर्थन मिल रहा है।





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