अजमेर.
ऐतिहासिक आनासागर झील के किनारे स्मार्टसिटी तथा हृदय योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य पूरा होते ही शहर की अलग तस्वीर नजर आएगी। शहर वासियों को अब हर मौसम में झील के किनारे झरना बहता नजर आएगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम सर्किट हाउस के नीचे पहाड़ी पर कृतिम झरना तैयार करवा रहा है।
आनासागर का पानी चार मोटरों व पाइप के जरिए सर्किट हाउस के नीचे पहाड़ी पर बनाए गए हौद में एकत्रित होगा इसके बाद यह पानी 400 फुट के जरिए में पहाड़ी से नीचे गिरेगा। रंगबिरंगी लाइटों के बीच बहता झरना और उसके बीच से गुजरते लोगों हो अलग ही अहसास करवाएगा। यह शहर का नया सेल्फी प्वांइट बनेगा। आनासागर की 8 किमी परिधी में पाथवे/चौपाटी बनाई जा रही है।
कैफेटरिया का निर्माण अंतिम चरण में
लवकुश उद्यान में बन रहा कैफेटेरिया झील की सुंदरता को चार चांद लगाने वाला साबित होगा। कैफेटेरिया का निर्माण अंतिम चरण में है।
9 हजार स्क्वायर फुट में बनने वाली इस कैफेटरिया को बारादरी के रूप में ही विकसित किया जा रहा है। भू-तल पर बरामदा बनाया गया है जिसे पाथवे/ चौपाटी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जबकि प्रथम तल पर दो किचन के साथ कैफेटेरिया का निर्माण जारी है। यहां बैठकर सैलानी झील की खूबसूरती का दीदार करते हुए चाय की चुस्कियां ले सकते हैं। कैफेटेरिया पर पहुचेन के लिए दो रास्ते बनाए गए हैं। द्विव्यांगों को कैफेटेरिया में पहुंचने में परेशानी नहीं होगी।
नगर निगम कैफेटेरिया संचालन के लिए जल्द ही निविदाएं जारी करेगा। हृदय योजना के तहत यह कार्य जून 2016 में शुरु हुआ था। बाद में डिजाइन में कुछ बदलाव के कारण समय सीमा बढ़ाई गई। यहां फ्लोरिंग, टोड़ी व छज्जे का काम ही शेष है। इसका निर्माण आरएसआरडीसी कर रही है।
स्मार्ट सिटी में 2.7 किमी चौपाटी का निर्माण
आनासागर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से विश्रामस्थली होते हुए लवकुश उद्यान तक करीब 2.7 किमी चौपाटी का निर्माण कार्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत करवाया जा रहा है। इसका बेस कच्चा रखा जाएगा। एसटीपी से रीजनल कॉलेज चौपाटी को जोडऩे के लिए फलोटिंग ब्रिज बनाया जाएगा। विश्रामस्थली में एक चक में पौधारोपण किया जाएगा जिससे आना सागर झील में आने वाले पक्षियों को बैठने का ठिकाना मिले सके तथा चौपाटी के पास हरियाली भी हो।
चौपाटी पर देर रात्रि तक लोगों कर रहे सैर
आनासागर सर्कुलर रोड पर शिव मंदिर के सामने तथा रामप्रसाद घाट पर लवकुश उद्यान से बारादरी तक 12 करोड़ की लागत से चौपाटी निर्माण कार्य कारवाया जा रहा है। चौपाटी निर्माण का यह कार्य ह्रदय योजना के तहत हुआ है। यहां हैंगिग ब्रिज भी बनाया गया है जो नई व पुरानी चौपाटी को जोड़ दिया गया है। इस चौपाटी पर दिनभर लोगों का जमावड़ा लगा रहा है जो कि देर रात्रि तक देखा जा सकता है। बारादरी को चौपाटी से जोड़ दिया गया है।
सागर विहार, रीजनल कॉलेज के पास हो चुका है चौपाटी निर्माण
सागर विहार कालोनी के पीछे 1 करोड़ रुपए की सहायता से चौपाटी बनाई गई है। रीजनल कॉलेज के सामने अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा 1.25 करोड़ रुपए की लागत से चौपाटी का निर्माण किया गया है। यहां साइकिल शेयरिंग की भी सुविधा उपलब्ध है। पुष्कर रोड पर सीवेरज ट्रीटमेंट प्लांट से महावीर कालोनी के पीछे तक 13.33 करोड़ की लागत से चौपाटी का निर्माण जारी है। आने वाले दिनों में इन सभी चौपाटियों को आपस में जोड़ दिया जाएगा ताकि शहर के लोग लम्बी वॉक और रनिंग का भी लुत्फ उठा सकें।
एनओसी मांगी
सागर विहार से सिनेमॉल तक चौपाटी को कनेक्ट करने के लिए भूमि की आवश्यकता है। इसमें कुछ भूमि निजी खातेदारी तथा तो कुछ एडीए की है। एडीए की एनओसी के लिए पत्र लिखा गया है। निजी खातेदारों से भी सम्पर्क किया जा रहा है। अब तक करीब 5 किमी लम्बी चौपाटी का निर्माण हो चुका है।
हिमांशु गुप्ता, कमिश्नर नगर निगम, एसीईओ स्मार्ट सिटी अजमेर





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