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पेड़ों पर 'आरी', आंखें मूंद बैठे अधिकारी

दौसा. वन विभाग की उदासीनता से जिले में लाइसेंस से तीन गुनी आरामशीनें अवैध रूप से धड़ल्ले से चल रही है। लालसोट में ही करीब साढ़े तीन सौ आरामशीनें संचालित हैं, जबकि यहां लाइसेंस मात्र 58 के ही हैं। इन आरामशीनों पर हरे पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई व चिराई हो रही है। इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को होने के बाद भी इनके खिलाफ कार्रवाई से किनारा कर रहे हैं।

 


लोगों का मानना है कि अधिकांश आरामशीन संचालकों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। आरामशीन संचालकों की पकड़ इतनी है कि उनके खिलाफ विभाग द्वारा कोई कार्रवाई दूर मशीनों की जांच करने तक नहीं जाता है। जबकि वन विभाग कई बार सर्वे करा चुका है। जिले में मात्र 180 आरामशीन संचालकों के पास ही लाइसेंस है। जबकि जिलेभर में करीब पांच सौ आरामशीनें संचालित हो रही है। इन आरामशीनों पर अंधाधुंध हरे पेड़ों की कटाई व चिराई होती है।

 


नहीं ली जाती है कटाई की अनुमति


ग्रामीण इलाकोंं में पेड़ काटकर उनको आरामशीनों तक पहुंचाने वाले व्यक्ति को ठेकेदार कहा जाता है। कई पेड़ों की कटाई पर तो पूरी तरह पाबंदी है। पेड़ों को काटने से पहले क्षेत्रीय तहसीलदार से अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन कोई भी हरे पेड़ों की कटाई से पहले न तो तहसीलदार की अनुमति लेता है और न ही किसी विभागीय अधिकारी की। जिलेभर में हरे पेड़ों की अंधाधुुंध कटाई से जंगल वीरान होने लगे है।

 

कई स्थानों पर तो पेड़ों के बजाय उनके ठंूठ ही नजर आते हैं। वृक्षों की अंधाधुंध कटाई से हरियाली गायब होती जा रही है, पर्यावरण को भी खतरा पहुंच रहा है। हरे पेड़ों की कटाई के बाद से लेकर आरामशीनों तक पहुंचाने तक कोई न पुलिस कोई कार्रवाई करती है और नहीं वन विभाग। ऐसे में उनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

 


यहां जाते हैं वाहन


हरे पेड़ों की कटाई करके ठेकेदार उनकी शाखाओं के टुकड़ों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भर कर लालसोट, सिकंदरा व जयपुर के कानोता में संचालित आरामशीनों पर ले जाते हैं। जबकि इन आरामशीनों तक पहुंचने के लिए कई पुलिस थानों की सीमाओं से गुजरना पड़ता है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

 


पेड़ों के बनाते हैं फड़-फंटे


लालसोट की जमात में सर्वाधिक आरामशीनें संचालित है। यहां पर इन पेड़ों की चिराई कर इनमें से फड़ व फंटे बनाए जाते हैं। यहां के व्यापारी इन फड़ व फंटों को बड़े शहरों में भेजते हैं। वहां पर लकड़ी का फर्नीचर तैयार किया जाता है।

 

 

फैक्ट फाइल


ब्लॉक लाइसेंस
दौसा 23
लालसोट 58
बांदीकुई 40
सिकराय 33
महुवा 26
जिला 180

 


कार्रवाई की जाएगी


आरामशीनों के लाइसेंस नए तो बन नहीं रहे हंै,लेकिन पहले जिनके पास थ,े उनकी संख्या करीब पौने दो सौ है। यदि अवैध रूप से आरामशीनें संचालित है तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
रामानन्द भाकर, उपवन संरक्षक वन विभाग दौसा



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