श्रीगंगानगर. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय (माध्यमिक) ने अपने कार्यालय में कार्यरत उन १५ मंत्रालयिक कर्मियों को नोटिस जारी किए हैं जिन्होंने पैन डाउन हड़ताल के बावजूद उपस्थिति पंजिका में पूरे दिन के हस्ताक्षर किए। इससे उनमें खलबली मच गई है।
नई व्यवस्था के तहत एलडीसी के अधिकांश पद समाप्त करने के विरोध में मंत्रालयिक कर्मियों ने पिछले तीन दिन तक भोजनाकाश में अधिकारियों को ज्ञापन देकर विरोध जताया था। इस पर जिला शिक्षा अधिकारियों ने एेसे १५ मंत्रालयिक कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिवराम यादव की ओर से जारी किए गए इस नोटिस में संबंधित कार्मिकों से पूछा गया है कि १० अगस्त को दोपहर बादद पैन डाउन हड़ताल की गई। इसके बावजूद उपस्थिति पंजिका में पूरे दिन के हस्तक्षार किए गए है। इसी तरह १३ अगस्त की शाम करीब पौने पांच बजे कार्यालय समय में ही नारे लगाते हुए ज्ञापन दिया गया। इसी प्रकार १४ अगस्त को दो कार्मिकों के स्थानान्तरण के विरोध में राजकीय कार्य का बहिष्कार किया गया जबकि रजिस्टर में पूरे दिन के हस्ताक्षर किए। शिक्षा विभाग बीकानेर के निदेशक के आदेशों का विरोध करना राजस्थान सेवा नियमों का उल्लघन है। नोटिस का जवाब दो दिन में देना है। डीईओ का यह भी कहना है कि संतोषजनक जवाब नहीं आने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन कार्मिकों को मिले नोटिस
डीईओ ने मनीष तलवार, मोहनलाल सोमानी, विनोद कुमार मेहना, उमेश कुमार नायक, धीरज सक्सेना, हितेश कुमार, नरेन्द्र बंसल, सुरेन्द्र कुमार, तुलसी रानी, संदीप धामू, ठाकुरप्रीत ङ्क्षसह, ध्रुव यादव, युधिष्ठिर शर्मा, रिंकूपाल और हरिशंकर को नोटिस दिए हैं।
नोटिस देना
उचित नहीं
मंत्रालयिक कर्मियों के पद समाप्त करने पर विरोध श्रीगंगानगर में नहीं राज्य स्तर पर किया जा रहा है। कार्मिक कार्यालय समय के बाद अपना विरोध कर रहे है। एेसे शिक्षा कर्मियों को नोटिस देना उचित
नहीं है।
- मुकेश कटारिया, जिलाध्यक्ष, शिक्षा विभागीय मंत्रालयिक कर्मचारी संघ, श्रीगंगानगर





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