पाली . यह कहानी है सुमेरपुर की शीतल गुप्ता की। बात करीब छह-सात वर्ष पूर्व की है। शीतल ने ऑनलाइन डिजाइनिंग कपड़ों की शॉपिग की। इसमें उसने 20 हजार रुपए खर्च किए। किसी जानकार ने उन कपड़ों की क्वालिटी देखी तो बताया कि यह मार्केट में पांच से सात हजार रुपए में मिल जाते है। इससे आहत होकर शीतल ने खुद लेडीज कपड़ों का मेटेरियल खरीदकर उन्हें डिजाइन करना शुरू किया। इसमें इस बात का विशेष ध्यान रखा कि ग्राहक को जैसी क्वालिटी का वादा कर रहे हैं, वैसा ही माल सप्लाई हो। फिर क्या था, देखते ही देखते शीतल का काम चल निकला। आज उनका सालाना दस लाख के करीब का टर्नऑवर है और वह आयकर भी भर रही है। सुमेरपुर निवासी शीतल पत्नी अमित गुप्ता ने बताया कि करीब सात वर्ष पूर्व उसने ऑनलाइन कपड़ों की खरीद की। ऑनलाइन पर जैसे प्रोडेक्ट बताए जा रहे थे। उससे काफी कम गुणवत्ता के प्रोडेक्ट घर तक पहुंचे और रुपए भी बाजार भाव से कई ज्यादा लिए गए। इस तरह की ठगी का शिकार होने पर पहले तो काफी गुस्सा आए। बाद में मन में निश्चय कर लिया कि मैं घर से ही
यह लघु व्यापार शुरू करूंगी। शुरुआत में 50 हजार रुपए का कपड़ा व मैटेरियल खरीद कर की। जिसे तैयार करवाकर रिश्तेदारों व आस-पड़ोस में बेचा। इससे आत्मविश्वास बढ़ गया।
तीन हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी
धीरे-धीरे घर से ही सोशल मीडिया के जरिए इस व्यापार को विस्तार देना शुरू किया तो काफी अच्छे परिणाम सामने आए। व्यापार में उतरोत्तर वृद्धि भी होती गई।
सोशल मीडिया पर कपड़ों की साइज और रुपए फोटो सहित अपलोड कर देते है। ऑर्डर आने शुरू हुए तो पार्सल सेवा से लोगों के घर तक पहुंचाना शुरू कर दिया।
वर्तमान में देश भर से तीन हजार से अधिक महिलाएं उनके सोशल पेज से जुड़ी हुई है, जो उनसे माल खरीदकर आगे से आगे बचते है। अब स्थिति यह है कि घर पर ही खरीदारों की भीड़ रहती है और ऑनलाइन पर तो ऑर्डर आते
रहते है।
मुम्बई की एक एक्ट्रेस
शीभी ग्राहकतल की मानें तो डिजायनिंग लैगी के साथ ही केपरी, पलाजो, लेडीज जींस डिजाइन कर तैयार करवाती है और बेचती है। देश भर से ऑनलाइन ऑर्डर आते है। इसमें मुम्बई की एक टीवी एक्टे्रस तक शामिल है।





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