बीकानेर. करीब तीन साल पहले सड़क दुर्घटना में टूटी पैर की हड्डी ई-लिजरोव तकनीक से जोड़ी गई । पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेन्टर में करीब पांच घंटे चले ऑपरेशन में चिकित्सकों ने यह हड्डी जोडऩे में सफलता प्राप्त की । डॉ. बीएल चौपड़ा ने बताया कि चूरू जिले के राजलदेसर निवासी रोगी भंवरलाल पुत्र पीथाराम तीन साल पहले सूरत में सड़क दुर्घटना में घायल हो गया । इसमें भंवरलाल के बांए पैर में गंभीर चोट लगी ।
मरीज को सूरत के सरकारी अस्पताल और बीकानेर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन उपचार में सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेन्टर में डॉ. बीएल चौपड़ा से परामर्श लिया तो भामाशाह योजना के तहत ई-लिजरोव तकनीक से नि:शुल्क ऑपरेशन की सलाह दी । मरीज को भर्ती कर शनिवार को डॉ. चौपड़ा, सुरेन्द्र चौपड़ा, राजेन्द्र चौधरी, संजय तंवर, रमेश चारण, रामस्वरूप ज्याणी तथा नि:श्चेतना विभाग की डॉ. साधना जैन, सतपाल, मनीराम तथा नर्सिंगकर्मी मघाराम की टीम ने ५ घंटे में सफल ऑपरेशन किया ।
दवाइयों का टोटा, भटक रहे मरीज
बीकानेर. संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में इन दिनों मौसमी बीमारियों के रोगियों की भीड़ बढ़ रही है । एेसे में रोगियों को पर्याप्त नि:शुल्क दवाइयां नहीं मिल रही । सीटी स्केन के लिए भी रोगियों को एक-एक पखवाड़े का इंतजार करना पड़ रहा है । पीबीएम में उपजे हालात से खफा शहर जिला महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सुनीता गौड़ ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.आरपी अग्रवाल से शिकायत की ।
गौड़ ने प्राचार्य अग्रवाल को अवगत कराया कि रोगियों को आंख, कान, गला और मौसमी बीमारियों की पर्याप्त दवाइयां नहीं मिल रही । एेसे में मजबूरन बाजार से दवाइयां खरीदनी पड़ रही है । सात दिन में दवाइयों की व्यवस्था नहीं होने पर गौड़ ने अस्पताल के सामने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है ।





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