झालावाड़। जिले के कामखेड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सात वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। घटना को अंजाम देने वाले एक आरोपी को पुलिस ने रविवार रात को गिरफ्तार कर लिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या का मुख्य आरोपी कोमल लोधा (25) निकला है। आरोपी मोहल्ले में कई बार घंटो तक बैठा रहता था। वह शुक्रवार को भी गांव में मोबाइल चला रहा था।
इसी दौरान बालिका शौच के लिए जा रही थी। वह उसके पीछे-पीछे चला गया। बालिका को बहला-फुसला कर एकांत में ले जाकर दुष्कर्म किया। बालिका आरोपी को जानती थी इसलिए उसने पकड़ाने के डर से गला दबाकर हत्या कर दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी शर्मा ने मनोहरथाना वृताधिकारी दिनेश मीणा व उपनिरीक्षक कामखेड़ा धर्माराम को तलाशी के निर्देश दिए इसी दौरान 4.30 बजे बालिका की लाश गांव के पास ही खेत से मिली।
ऐसे चला पता
घटना का शीघ्र खुलासा करने के लिए सवाई माधोपुर से डॉग स्कॉट बुलाकर घटना का डॉग से निरीक्षण करवाया गया। कोटा साइबर एक्सपर्ट द्वारा भी साक्ष्य जुटाए गए। डॉग का गांव में एक ही एरिये में बार-बार घूमने से गांव का ही एक व्यक्ति कोमल लोधा पूर्ण संदिग्ध तौर पर सामने आया। जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर जब उससे गहनता से पूछताछ की तो उसने बालिका का अपहरण कर दुष्कर्म करना व उसकी हत्या करना स्वीकार किया।
महिलाएं बोली दरिंदों को मिले सजा-ए- मौत
जिले में महिलाओं व बालिकाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म के मामले में महिलाओं व बालिकाओं ने ऐसे दरिंदो को कठोर सजा देने की मांग की। जिले में दो वर्ष में छेड़छाड़ के मामले 50 से अधिक हो चुके हैं। तो दहेज अत्याचार के भी 7 सौ से अधिक मामले सामने आए है। जिले में 280 से अधिक मामले बालिकाओं व महिलाओं के अपहरण के सामने आ चुके हैं। तो पांच माह में दो मासूम बालिकाओं की दुष्कर्म के बाद हत्या हो चुकी है। लेकिन सरकार इस दिशा में कोई खास कदम नहीं उठा पा रही है। ऐसे में कब तक मासूब बालिकाएं ऐसे दरिंदों की शिकार होती रहेंगी...। ऐसे में बालिकाओं व महिलाओं ने ऐसे मामले में कठोर सजा की मांग की।





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