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पोषाहार भंडारण की समस्या :सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील की व्यवस्था गड़बड़ाई

निखिल स्वामी
बीकानेर. शिक्षा विभाग और जिला परिषद के बीच समन्वय की कमी के कारण जिले के १७२ स्कूलों में अब तक रसोईघर नहीं बन पाए हैं। इससे इन स्कूलों में खाद्य सामग्री भंडारण व मिड-डे मील की व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। जिले में १९८७ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों हैं। इनमें मिड-डे मील के तहत पोषाहार दिया जाता है, लेकिन शिक्षा विभाग के बजट जारी नहीं करने से १७२ स्कूलों में रसोईघर नहीं बन पाए।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिला परिषद अधिकारियों नेपहले बनाए गए रसोईघर की सूची व बजट की जानकारी नहीं दी, जिससे इन स्कूलों में रसोईघर बनाने का काम अटका हुआ है।

 

एक कमरे में दो कक्षाएं
रसोईघर नहीं होने से स्कूल प्रशासन खाद्य सामग्री को स्कूल के एक कमरे में या खुले में रखने को मजबूर है। कई स्कूलों में तो बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त कमरे नहीं होने से एक ही कमरे में दो कक्षाएं लगाई जा रही हैं। एक कमरे में स्कूल प्रशासन खाद्य सामग्री रखता है और मिड-डे मील के तहत खाना पकाया जाता है। इससे बच्चों की सही ढंग से पढ़ाई नहीं हो पाती है।

 

यह बोले अधिकारी
स्कूलों में रसोईघर बनाने काम दो विभागों के बीच फंसा हुआ है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि साल २०१६ में ही मिड-डे मील के तहत रसोईघर बनाने का काम विभाग के पास आया था। इससे पहले जिला परिषद की ओर से स्कूलों में रसोईघर बनाए जाते थे। वहां से पहले बनाए गए रसोईघरों की जानकारी नहीं मिली है। इससे स्कूलों में रसोईघर नहीं बन पाए। अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में जिला कलक्टर को भी पत्र लिखकर कहा गया कि जिला परिषद से सूचना मांगी जाएं, लेकिन जिला परिषद अधिकारियों ने आज तक सूचना नहीं दी है।

 

कार्रवाई १५ के बाद
जिला परिषद से जानकारी मांगी गई है। १५ अगस्त के बाद इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
उमाशंकर किराडू, प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी, बीकानेर



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