कोटा. शनिवारी अमावस्या पर शनि मंदिरों में विशेष आयोजन हुए। इस दिन हरियाली अमावस्या भी मनाई गई। भगवान शिव का अभिषेक-पूजन किया। पार्कों में भी रौनक नजर आई। विशेष शृंगार भी किए गए।
घंटाघर स्थित शनि मंदिर में तड़के से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ। दिनभर मंदिर जयकारों से गूंजायमान होता रहा। लोगों ने भगवान शनि का तेलाभिषेक किया व शनि प्रिय वस्तुएं भगवान को अर्पित की।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश जोशी के अनुसार मंदिर मंगला के बाद दसों दिशाओं में दीपदान किया। इसके बाद अभिषेक पूजन का दौर चला। अभिषेक व शृंगार का दोपहर आरती की तो मंदिर जयकारों से गूंज उठा। शाम को फिर से अभिषेक शृंगार व आरती की गई। अन्य क्षेत्रों में स्थित शनि मंदिरों में भी शनि अमावस्या मनाई गई। रामतलाई स्थित जगत माता मंदिर में पुजारी जगत सुखवानी के सान्निध्य में सुबह भगवान शिव, दोपहर शनिदेव का तेलाभिषेक किया गया। शाम को विशेष शृंगार के दर्शन करवाए। इस मौके पर कचौरी, इमरती व मिष्ठानों का भोग लगाया। शनि प्रिय वस्तुएं भगवान को अर्पित की गई। मंदिर में इस दौरान भजनों की रसधार बही। भजनों पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। तलवंडी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में हरियाली अमावस्या पर हरियाला शृंगार किया। दर्शनों के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। देर रात तक मंदिर दर्शनार्थियों से मंदिर में रौनक रही।
मुनि सुव्रतनाथ मंदिर में भी मनाई अमावस्या
आरकेपुरम ए स्थित मुनि सुव्रतनाथ दिगम्बर जैन त्रिकाल चौबीसी मंदिर में भी शनि अमावस्या मनाई। इस मौके पर 108 कलशों से भगवान मुनि सुव्रतनाथ का अभिषेक किया गया। सुबह अभिषेक, शांतिधारा व मुनि सुव्रतनाथ महामंडल विधान करवाया गया।
बहन-बेटियों को कराया भोजन
हरियाली व शनि अमावस्या पर भजन कीर्तन व पूजन के साथ दान पुण्य का दौर भी चला। लोगों ने गौ को चारा डाला, मंदिरों में खाद्य सामग्री भेंट की। छाता, लोह, तेल तिल भी दान किए गए।





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