अनूपगढ़.
राजकीय जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग के संबंध में गुरुवार को कस्बे का बाजार बंद रहा। चिकित्सालय के सामने लगाए गए धरने पर नागरिकों ने चिकित्सकों की कमी पर चिंता जताई। विभिन्न व्यापारिक संगठनों के दुकानदार प्रतिष्ठान बंद कर धरने पर पहुंचे।
नागरिकों ने कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण कई जिंदगियां अकाल मौत का ग्रास बन गई हैं। वक्ताओं ने कहा कि अस्पताल में १४ में से ११ चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े है, जो ३ चिकित्सक अस्पताल में कार्यरत है इनमें से एक को प्रतिनियुक्ति पर लगाया है। उन्होने कहा कि शेष दो चिकित्सकों में से एक दंत रोग विशेषज्ञ है ।
जिसे दंत चिकित्सा के लिए औजार भी उपलब्ध नही करवाए गए हैं। उन्होने कहा कि ४०० से अधिक मरीजों की ओपीडी वाले अस्पताल की उपेक्षा सरकार की क्षेत्र के प्रति संवेदहीनता को दर्शाती है। वक्ताओं ने कहा कि जब तक अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति नही हो जाती धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर २१ सदस्यीय कमेटी का गठन
किया गया।
विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने की दुकाने बंद
अनूपगढ़ अस्पताल बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर फोटोग्राफर यूनियन,मोबाइल यूनियन, कपडा़ यूनियन, होटल यूनियन, बर्तन यूनियन, ऑटो मोबाइल सहित अन्य यूनियनों ने समर्थन देते हुए दुकाने बंद की है। रणनीति के अनुसार मांगे नहीं मानने पर शुक्रवार से पूरा बाजार बंद रहेगा। इसके अलावा मेडिकल यूनियन ने काली पट्टी बांध कर कार्य किया। दुकानदारों ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया कि समिति की जायज मांग को उनका पूर्णतया समर्थन रहेगा।
सद् बुद्धि यज्ञ का आयोजन
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सा विभाग लगातार क्षेत्र की अनदेखी कर रहा है। इस अवसर पर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया है। इसमें विजय सांखला, भूपेंद्र संधू,राजेंद्र सिंह, दयाराम लखेसर, सहित कई लोगों ने आहुति दी।
राजकीय जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग के संबंध में गुरुवार को कस्बे का बाजार बंद रहा। चिकित्सालय के सामने लगाए गए धरने पर नागरिकों ने चिकित्सकों की कमी पर चिंता जताई। विभिन्न व्यापारिक संगठनों के दुकानदार प्रतिष्ठान बंद कर धरने पर पहुंचे।





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