पकड़ा गया एटीएम लूटेरा
सीकर. शहर कोतवाली पुलिस ने २२ लाख रुपए से भरा एटीएम उठा कर ले जाने के मामले में चार साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी गैंग के साथ मिलकर धोद रोड से जनवरी २०१४ में २२ लाख रुपए से भरा एटीएम उठाकर ले गया था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
थानाधिकारी महावीर सिंह राठौड़ ने बताया कि 2014 में जनवरी में धोद रोड चौराहा के पास स्थिति एसबीआइ के एटीएम को रात के समय गाड़ी में डालकर ले गए थे। उस वक्त एटीएम में २२ लाख रुपए थे। इस मामले में चार आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके थे। महरियों का बास तन पचार कालवाड़ जयपुर निवासी राजेन्द्र कुमार यादव उर्फ सेठी पुत्र रामनिवास यादव वारदात के बाद से फरार चल रहा था। सोमवार को वह सीकर आया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसको बस डिपो से गिरफ्तार कर लिया।
सिलसिलेवार उठाए थे एटीएम
आरोपियों की गैंग ने २०१४ में सीकर व आसपास के जिलों में एक के बाद एक एटीएम उठाए थे। सीकर के बाद बीकानेर के डूंगरगढ में भी इन्होंने एटीएम लूटा था। धोद रोड चौराहे से लूटा गया एटीएम जली हुई हालत में एक जोहड़े में मिला था। इससे पहले आरोपियों ने उसमें से पैसे निकाल लिए थे और मशीन को जला दिया था। आरोपी के खिलाफ लूट व शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं।
अब सहायक अभियंता ने दर्ज कराया राजकार्य में बाधा का मुकदमा
वीसीआर भरने का मामला
सीकर. भडाढर गांव के एक व्यक्ति की ऑफिस में बैठकर वीसीआर भरने का मुकदमा दर्ज होने के बाद अब बिजली निगम के सहायक अभियंता ने राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज करवाया है।
पुलिस ने एइएन के तरफ से भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एइएन ने २८ जुलाई को वीसीआर भरने के दौरान राजकार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है जबकि वीसीआर २७ जुलाई को भरी गई थी। एइएन हरीराम ने मामला दर्ज कराया है कि २८ जुलाई को वे विजयपाल व हंसराज को साथ लेकर भढ़ाढर में बिजली चोरी पकडऩे गए थे। वहां हरदेवाराम नाम के उपभोक्ता के घर आम्र्ड केबल को काटकर बिजली चोरी की जा रही थी। मौके पर फोटोग्राफ लेकर उसकी वीसीआर भरी गई। इस दौरान वहां पहुंचे किशनाराम व अन्य ने राजकार्य में बाधा डाली। इन लोगों ने जान से मारने व तबादला करवाने की धमकी दी। पुलिस अब दोनो मामलों की जांच कर रही है।
यह था मामला
एइएन ने २७ जुलाई को वीसीआर भरी थी। जबकि उपभोक्ता के घर लगे सीसीटीवी से खुलासा हुआ था कि इस दिन तो कोई चोरी पकडऩे गया ही नहीं। २८ जुलाई को सुबह ८ बजकर ४० मिनट पर विजयपाल व एक अन्य युवक वहां गए थे। इसके बाद दोपहर १२ बजे ये लोग फिर गए थे। जबकि वीसीआर २७ जुलाई को दोपहर दो बजे की भरी गई है।





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