जैसलमेर। रोती-बिलखती अचेतावस्था में पड़ी मां, आंखों में आंसू लिए रुंदन करती पत्नी, उपस्थित लोगों की आंखें नम, भारत माता की जय के नारों से गूंजता आसमान...!
कुछ ऐसा ही नजारा था मंगलवार को सुबह लाठी थानाक्षेत्र के डेलासर गांव का, जहां सेना के जवान की मौत के बाद उसका शव पैतृक गांव लाया गया तथा अंतिम संस्कार किया जा रहा था।
गौरतलब है कि डेलासर निवासी गोमदराम (32) पुत्र नरुराम सेना की 184वीं इंडिपेंडेंट फिल्ड वर्कशॉप कंपनी में सिपाही चालक के पद पर कार्यरत था। वह लेह लद्दाख के नीमू गांव में तैनात था। गत एक महीने से उसकी तबीयत खराब होने के कारण वह चंडीगढ स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती था।
रविवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उसके शव को मंगलवार को सुबह डेलासर लाया गया। शव देखते ही शुरू हुआ रुंदन सेना के जवान शव लेकर मंगलवार को सुबह डेलासर पहुंचे। यहां वाहन देखते ही परिवारजनों के आंसू छलक पड़े तथा रुंदन करने लगे। हालात ऐसे थे कि हर किसी भी आंखें नम थी।
ग्रामीणों ने परिवारजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास किया। अपने बेटे का शव देखकर उसकी मां सूरमादेवी गश खाकर गिर पड़ी। लाठी व चांधन अस्पताल से तत्काल चिकित्सकों को बुलाया गया। उन्होंने उपचार किया तथा एक घंटे बाद मां को होश आया। इसके अलावा अन्य परिवारजनों का भी रो -रोकर बेहाल हो रहा था।
घर के आगे रखे शव पर तिरंगा ओढ़ाया गया। इसके बाद शव यात्रा रवाना हुई। इस दौरान डेलासर गांव भारत माता की जय, गोमद तेरा ये बलिदान नहीं भूलेगा हिन्दुस्तान, गोमदराम अमर रहे के नारों से गूंज उठा। मेघवाल जयपाल समाज के श्मशान स्थल पर सैन्य सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान यहां उपस्थित 19 आर्म्ड रेजीमेंट जैसलमेर के जवानों ने शस्त्र उलटे कर, मातमी ध्वनि बजाकर और बंदूक से सलामी दी। सेना के जवान की मौत की सूचना मिलने पर जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी, पोकरण पूर्व विधायक शालेमोहम्मद, प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुनीता भाटी, सचिव रूपाराम धणदे, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गोविंद भार्गव सहित जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र चढाकर सेना के जवान को श्रद्धांजलि दी। इसी प्रकार प्रशासन की ओर से जैसलमेर उपखण्ड अधिकारी विकास राजपुरोहित, लाठी थाने से सहायक उपनिरीक्षक खाखूराम सहित सैन्य अधिकारियों ने पुष्पचक्र चढाए।





No comments:
Post a Comment