अनूपगढ।
36 वर्ष पाकिस्तान में जेल की सजा काट कर आए गजानद का अनुभव भले ही अच्छा नही रहा हो ,पाकिस्तान का मात्र नाम सुनने से ही उसकी रूह तक कांप जाती हो लेकिन गत शनिवार रात्रि भारत पाक अंतरष्ट्रीय सीमा के नजदीक अनूपगढ रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए 12 पाक नागरिक भारत को एक बहुत अच्छा देश तथा भारतीयों के व्यवहार को मिलनसार बताते हुए भारत माता के जयकारे लगाते नही थक रहे थे।
भारत माता के जयघोष लगने का नजारा था अनूपगढ रेलवे स्टेशन का जहां पर पकड़े गए पाक नागरिकों को पुशबैक करने की कार्रवाई शुरू करने के लिए उन्हें जोधपुर भेजा जा रहा था। पाक नागरिको के साथ 4 महिलाए 7 पुरुष तथा एक बालिका थी जो भारत सरकार के रवैये की प्रशंशा कर रहे थे।पाक नागरिकों में से एक महिला सूखा माई ने बताया कि जब शनिवार रात उन्हें पुलिस ने पकड़ा तो एक बारगी तो उन्होंने सोचा कि वह एक बहुत बड़ी मुश्किल में फंस गए है।
उन्होंने बताया कि उनका रो रो कर बुरा हाल हो गया लेकिन यहां की पुलिस ने जांच करने के बाद जब हमसे कुछ गलत नही मिला तो हमसे बहुत ही अच्छा व्यवहार किया।हमे सोने के लिए गद्दे, चिकित्सा, अच्छा खाना तथा साफ पानी उपलब्ध करवाया और अब हमें वापिस पाकिस्तान भेजने के लिए भी अच्छा इंतजाम करवा रहे है।उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस ने उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया है उनका सारा सामान सारा पैसा उनको लौटा दिया है।
वह वापिस वीजा लेकर अपने रिश्तेदारों से मिलने जरूर आएंगें।उन्होंने बताया कि वह पाकितान में मुस्लमानों के खेत मे मजदूरी करते है।उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में मृत्यु होने पर वह भी शव को मिट्टी में दफनाते है।लेकिन मृतक की लाश के हाथ पैर के नाखून या अन्य कुछ काटकर रख लेते है ।फिर जब काफी समय बाद वीजा लगता है तो एक साथ उनको ही अस्थियों के रूप में गंगा में विसर्जित करने आते है।इस बार भी वह अपने पूर्वजों को अस्थियां लेकर हरिद्वार आए थे।वीजा में समय बाकी था इसलिए इस क्षेत्र में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिलने वह अनूपगढ तथा बिजयनगर आ गए थे।उन्हें इस बात की जानकारी नही थी कि यह अपराध है।ज्ञात रहे गत शनिवार रात्रि पैपली माई पत्नी तिलोकाराम, सुखीमाई पत्नी सुल्तानाराम,सोनारी माई पुत्री तिलोकाराम,थारूराम पुत्र सुलतानाराम तथा तिलोकाराम पुत्र मंगलाराम , सुलतान राम पुत्र लालुराम नायक तथा भंवर राम पुत्र लालुराम, मुकनाराम पुत्र तिलोकाराम, मुमल बाई पत्नी मुकनाराम, पुजा देवी पुत्री मुकनाराम, सुरताराम पुत्र लालुराम तथा हरियाराम पुत्र मोतीराम हरिद्वार अपने पूर्वजों की अस्थियां विसर्जित करने आए थे।इनके पास 25 सितम्बर का हरिद्वार क्षेत्र का वीजा भी था।
पुलिस को इनके पास हरिद्वार से सूरतगढ़ तथा सूरतगढ़ से अनूपगढ तथा कुछ भारतीय मुद्रा मिली थी।पुलिस जांच में पाक नागरिकों के पास कोई संदिग्ध वस्तु तथा किसी प्रकार के कोई संदिग्ध दस्तावेज नही मिले थे।लेकिन भारत पाक सीमा क्षेत्र होने के कारण वह इस क्षेत्र में बिना स्वीकृति के नही आ सकते थे।उन्होंने इस क्षेत्र में आकर वीजा की नियम तथा शर्तों का उलंघन किया था।जिस वजह सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था। सभी पाक नागरिक करेंगे अपने वतन में वापसी पकड़े गए 12 नागरिको को स्वतंत्रता दिवस के दिन पुश बैक करने के लिए आज अनूपगढ से सूरतगढ़ भेजा गया है।
सूरतगढ़ से उन्हें जोधपुर के भगत की कोठी से भारत पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के अंतिम स्टेशम मुनाबाव में पाकिस्तानी गार्ड के सुपुर्द कर दिया जाएगा।यह सभी पाक नागरिक पाकिस्तान के खोखरापार स्टेशन से अपने वतन में वापसी करेंगे।इस यात्रा के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से जवान उनके साथ मौजूद रहेंगे।





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