जीतेश रावल @ जालोर. विद्युत वितरण के नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए शहर में ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। डिस्कॉम ने इस काम के लिए ठेका दिया है, लेकिन ठेकेदार के कार्मिक लाइन में अंकुडी लगाकर बिजली चुरा रहे हैं।कार्य के तहत एक ट्रांसफार्मर से लाइन लेकर नया ट्रांसफार्मर लगाना है। इसके लिए भूमिगत केबल लगाई जाएगी। कई जगह सीसी रोड होने से सड़क काटनी पड़ रही है, लेकिन कटर मशीन चलाने के लिए मुख्य लाइन में ही अंकुडी डाल रहे हैं। मुख्य मार्गों पर चल रहे कार्य के दौरान खुलेआम बिजली चोरी हो रही है, लेकिन इनके खिलाफ मामला दर्ज करना तो दूर रोकने तक की कोई जहमत नहीं उठा रहा। शहर में लगभग बाइस जगह इस तरह के कार्य किए जाने हैं, जिसमें से अधिकतर जगह काम पूरा हो जाने का दावा किया जा रहा है। कार्य के दौरान कितनी यूनिट बिजली चोरी की गई, इसका हिसाब किसी के पास नहीं है। विद्युत वितरण में नुकसान में कमी लाना इस योजना के उद्देश्यों में शामिल है, लेकिन नेटवर्क सशक्त बनाते समय ही न केवल बिजली चोरी हो रही है वरन् कमजोर मॉनिटरिंग भी उजागर हो रही है।
नियमों को ठेंगा, राजस्व को नुकसान
नियमानुसार कार्यकारी एजेंसी को काम करते समय स्वस्तर पर बिजली का प्रबंध करना चाहिए।इसके लिए अस्थायी मीटर लेना होता है या जनरेटर लगाना चाहिए।ठेकेदार ने इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं की, जिससे ठेकेदार के कार्मिक काम के दौरान सीधे लाइन से ही बिजली लेते रहे। कार्यकारी एजेंसी ने बिजली चोरी कर नियमों को तो ठेंगा बताया ही राजस्व को भी नुकसान पहुंचाया। उधर, जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी इस पर गौर नहीं किया कि मशीन के लिए बिजली कहां से आ रही है।
अनजान बन रहे अधिकारी
ट्रांसफार्मर लगाने का ठेका जारी हो गया, लेकिन डिस्कॉम अधिकारी इस कार्य की मॉनिटरिंग नहीं कर रहे। यही कारण है कि ठेकेदार के आदमी चोरी की बिजली से सड़क खोदी जा रही है। डिस्कॉम के सहायक अभियंता व एक्सइएन तक इस मामले में अनजान बने हुए हैं। ठोस मॉनिटरिंग का अभाव है या अधिकारियों ने जानबुझकर कर आंखें मूंद रखी है। यह कहना मुश्किल है।
इस तरह बिजली चोरी
बिजली चोरी का एक नमूना शहीद भगतसिंह स्टेडियम के पास नजर आया। यहां जलदाय विभाग की टंकी के पास नया ट्रांसफार्मर लगाना है। रोडवेज आगार के समीप पहले से ही लगे ट्रांसफार्मर से भूमिगत केबल लगाई जाएगी। इसके लिए स्टेडियम की चारदीवारी के पास से सड़क काटी गई। कार्मिक यहां अंकुड़ी लगाकर मशीन चलाते नजर आए।
शहर में 22 जगह लगेंगे ट्रांसफार्मर
केंद्रीय मंत्रीमंडल ने वर्ष-2014 में समेकित विद्युत विकास स्कीम (आइपीडीएस) को मंजूरी दी थी। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में विद्युत वितरण को सशक्त बनाने के कार्य किए जाने हैं। जालोर शहर में योजना के तहत २२ जगह नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं। शहर में यह कार्य इन दिनों अंतिम चरण में चल रहा है।
एइएन बताएंगे...
मुझे कोई जानकारी नहीं है।इस सम्बंध में सहायक अभियंता ही पूरी जानकारी दे सकते हैं।आप उनसे मिल लीजिए।
-हेमंत संखलेचा, एक्सइएन, डिस्कॉम, जालोर
मैनेज करना पड़ता है...
नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। डिस्कॉम का ही काम है इसलिए इतना तो मैनेज करना ही पड़ता है। वैसे ठेकेदार को अस्थायी कनेक्शन या जनरेटर लगाना चाहिए।
-प्रवीणकुमार परिहार, एइएन, डिस्कॉम, जालोर





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