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ड्रीम प्रोजेक्ट फेल : वेबसाइट पर लिंक तक नहीं मिल रहा,आमजन अब भी थानों के चक्कर लगाने को मजबूर

जयप्रकाश गहलोत

बीकानेर. आमजन को एफआइआर की कॉपी ऑनलाइन उपलब्ध करवाने का पुलिस का प्रोजेक्ट फेल हो गया है। पुलिस की वेबसाइट से एफआइआर की कॉपी मिलना तो दूर, काफी समय से तो इसका लिंक ही नहीं मिल रहा है। केन्द्र सरकार थानों को ऑनलाइन करने के लिए सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है। इसके बावजूद थानों में पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं हुई है। एफआइआर की ऑनलाइन कॉपी मिलने की सुविधा काफी समय से बंद पड़ी है।

 

पुलिस विभाग ने पिछले साल २१ अगस्त को आमजन को राहत देने के उद्देश्य से यह प्रोजेक्ट शुरू किया था और इसे पुलिस का ड्रीम प्रोजेक्ट नाम दिया गया। इसके तहत थानों में दर्ज होने वाले मामलों की काफी पीडि़त को तुरंत ऑनलाइन मिलनी थी, ताकि उन्हें थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। अभी हालत यह है कि थानों में मामला दर्ज होने पर पुलिस इसकी कॉपी देने में बहाने बनाती रहती है। हालांकि लैंगिक अपराध जैसे पोक्सो एक्ट-२०१२ के तहत दर्ज होने वाले संवेदनशील मामले, राजद्रोह, आतंकवाद जैसे मामलों की एफआइआर ऑनलाइन नहीं करनी थी।

 

यह प्रक्रिया
केन्द्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के थानों में पहले रोजनामचे ऑनलाइन दर्ज किए जाने लगे। बाद में एफआइआर ऑनलाइन की जाने लगी। इस प्रोजेक्ट पर केन्द्र सरकार अब तक करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है, फिर भी आमजन को राहत नहीं है। परिवादी को एफआइआर की कॉपी अब भी ऑनलाइन नहीं मिल रही है।

 

कहीं देख सकेंगे
अब कोई भी व्यक्ति प्रदेश के किसी भी थाने में दर्ज एफआइआर देख सकता है। इसके लिए एफआइआर दर्ज वाले थाने की यूजर आइडी व पासवर्ड की जरूरत होती है। यूजर आइडी होने पर वह प्रदेश के किसी भी थाने में जाकर एफआइआर की ऑनलाइन कॉपी देख सकता है। इसके अलावा परिवादी के एफआइआर की कॉपी ऑनलाइन लेने की सुविधा भी शुरू की गई, लेकिन यह फलीभूत नहीं हो पाई है।

 

धीरे-धीरे सुधार
पुलिस के सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। प्रदेश के थाने ऑनलाइन हो रहे हैं। फिलहाल तकनीकी गड़बड़ी के चलते पूरा प्रोसेस हो नहीं रहा है। ऐसे में इसमें सुधार किया जा रहा है।
पवन कुमार मीणा, एएसपी सिटी



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