Breaking News
recent

चिकित्सकों की मांग को लेकर सड़को पर सैंकडो़ं उतरे लोग

अनूपगढ़.

राजकीय अस्पताल में चिकित्सकों की मांग को लेकर आज शनिवार को धरना तथा बाजार बंद लगातार तीसरे दिन जारी रहा। दो दिन से चल रहे धरने तथा बाजार बंद की अनदेखी के कारण लोगों में राज्य सरकार तथा चिकित्सा विभाग के खिलाफ भारी रोष उत्पन्न हो गया था,शनिवार को नागरिक रोषस्वरुप सडकों पर उतर आए।अनूपगढ़ अस्पताल बचाओं संघर्ष के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार लोग शनिवार को सुबह ही धरना स्थल पर एकत्रित होने लगे।

देखते ही देखते धरना स्थल पर भारी संख्या में महिला पुरुष एकत्रित हो गए। धरना स्थल पर एक सभा का आयोलन किया गया।सभा को मोहित छाबड़ा,सुभाष बोयत,राजीव डांग,जलंधर ङ्क्षसह तूर,कमलेश मेघवाल,हिन्दू नरेंद्र कमल छीम्पा,वासुदेव जनागल, साहिल कामरा,शिमला नायक,सतपाल मुंजाल,सुखविंद्र सिंह मक्कड़,हरनेक ङ्क्षसह कलेर,राज लावा,दीपक अग्रवाल,प्रदीप भट्टी सुखविंद्र सोखी,पवन गोयर,सतीष नागपाल सहित अन्य लोगों ने सम्बोधित करते हुए राजकीय अस्पताल की दुदर्शा के बारे में विस्तार बताया। धरने पर मौजूद राज्य सरकार से रुष्ट लोगों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए जमकर नारेबाजी की।

धरने को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह पहली बार है कि किसी मांग के लिए पूरा शहर एकजुट हुआ है, अनूपगढ़ वासियों का यह प्रयास विफल नही जाने दिया जाएगा।वक्ताओं ने कहा कि जब तक अस्पताल में रिक्त पडे पदों को भरा नही जाता तबतक धरना जारी रहेगा। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि सोमवार तक उनकी मांगी नही मानी गई तो धरना स्थल पर बैठक बना कर आगामी रणणीति तय की जाएगी।

भरपूर गर्मी मे भी नागरिकों ने दिखाया उत्साह

सभा के बाद धरना स्थल से एक रोष मार्च निकाला गया,जिसमें अनूपगढ़ के नागरिकों के ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगो ने भी भाग लिया।रोष मार्च धरना स्थल से शुरु होकर बीकानेर सडक़,कनॉट पैलेस चौक,पट्रोल पम्प रोड़,मुख्य बाजार,गीता चौक,सोनी मार्केट,वेअर हाउस रोड़,डाक्टश्र जितेंद्र रोड़ होता हुआ वापिस धरना स्थल पर पहुंचा। महिलाओं ने भी रोष मार्च में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर भाग लिया। भरपूर गर्मी के बावजूद लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। चिकित्सालयों में चिकित्सकों की नियुक्ति नही कर पाने को लोग राज्य सरकार की नाकामी बता रहे थे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन बाजार के मुख्य चौराहों पर मुस्तैद नजर आया।

और कारवां बढ़ता गया

राजस्थान पत्रिका में लगातार बीमार अस्पताल की खबरों के प्रकाशन के बाद फोटोग्राफर यूनियन तथा मोबाइल यूनियन जागृत हुए और अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए आंदोलन छेडने के निर्णय लिया। उक्त दो यूनियन के लोगों ने बिना किसी अंजाम की परवाह किए अन्य व्यापारिक संस्थाओं तथा समाजसेवी संगठनों से सहयोग तथा समर्थन की अपील की। देखते ही देखते दो यूनियनों द्वारा छेडा गया यह आंदोलन जन आंदोलन में बदल गया।व्यापारिक संस्थाओं ने भी अपनी अपनी दुकाने स्वेच्छा से बंद कर आंदोलन में अपना सहयोग दिया। वर्तमान में संघर्ष समिति को लगभग 40 यूनियनों तथा समाजसेवी संगठनों का सर्मथन मिल चुका है।धरना स्थल पर भाजपा,कांग्रेस,माकपा तथा अन्य राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी अस्पताल बचाओं संघर्ष समिति के आह्वान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.