Breaking News
recent

छात्रसंघ चुनाव : छात्रनेता व्यक्तिगत संपर्क में जुटे, सोशल मीडिया का कर रहे बेजा इस्तेमाल

बीकानेर. छात्रसंघ चुनाव को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह परवान पर है। छात्रनेता विद्यार्थियों से व्यक्तिगत संपर्क से लेकर रैलियों, समूहों में प्रचार-प्रसार और सोशल मीडिया तक भरपूर उपयोग कर रहे हैं। रविवार को अवकाश के बाद भी छात्र संगठन के पदाधिकारी और पूर्व छात्रनेता कई कॉलेज और विश्वविद्यालयों में जातीय समीकरण बैठाने के लिए शाम तक मंथन करते रहे।

 

इस बार कई संगठनों को चुनावी समर में हाथ आजमाने के लिए प्रत्याशी तक नहीं मिल पाया। अब वे प्रत्याशियों के लिए जोड़-तोड़ बैठा रहे हैं। अब छात्र संगठन उम्मीदवारों को नामांकन वापसी से पहले सिम्बल देंगे, जिससे प्रत्याशियों की स्थिति भी साफ हो जाएगी। कॉलेजों में सोमवार को नामांकन वापस लिया जा सकेगा।

 

इस बार छात्रसंघ चुनाव में संगठनों से ज्यादा व्यक्ति व जातीय समीकरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसलिए विद्यार्थियों को छात्रसंगठनों से ज्यादा जातीय समीकरण को तरजीह दी जा रही है।

 

वापस ले सकेंगे नाम
कॉलेजों में सोमवार को सुबह १० बजे विभिन्न पदों के उम्मीदवारों के नामांकन की लिस्ट लगाई जाएगी। सुबह ११ से दोपहर एक बजे तक छात्र नामांकन वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनाव में रहे प्रत्याशियों की सूची चस्पा की जाएगी।

 

पैराशूटर को टिकट
छात्रसंघ चुनावों में राजनीतिक पार्टियों की दखलअंदाजी व विद्यार्थियों में गुटबाजी के चलते शहर के कई कॉलेजों में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों का संगठनों से मोहभंग होता दिखाई दे रहा है। कुछ छात्रनेता संगठनों से टिकट नहीं मिलने पर सोशल मीडिया के माध्यम से नाराजगी जता रहे है।

 

इन छात्रनेताओं का आरोप है कि वे कई सालों से संगठन में काम कर रहे हैं, लेकिन उनको टिकट देने की बजाय एक बागी और संगठन से बाहरी छात्र को टिकट दे दिया गया। अब कॉलेज में उनका रुझान निर्दलीय प्रत्याशी की ओर जाता दिखाई दे रहा है। इससे कई छात्र संगठनों की साख दांव पर लग सकती है। शहर के कई कॉलेजों में छात्रों ने राजनीतिक पार्टियों से जुड़े संगठनों के प्रत्याशियों से दूरी बना ली है।

 

जोड़-तोड़ की राजनीति
कुछ पार्टियों के दिग्गज नेता भी छात्रसंघ चुनावी दंगल में आ गए हैं। उन्होंने चुनाव की कमान अपने हाथ में ले ली है। वे अब बैठक के साथ चुनाव की हर गतिविधि पर रजन रख रहे हैं। वे अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति में लग गए है। इसमें कई समुदाय के लोग भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

 

एसएफआइ की बैठक
एसएफआइ की जिला कमेटी व कार्यकर्ताओं की बैठक रविवार को हुई। बैठक में छात्रनेताओं व तहसील, ग्राम कमेटियों को मतदाता सूचियां उपलब्ध करवाकर जिम्मेदारियां सौंपी गई। सोमवार को महाविद्यालयों में कक्षाओं में भी छात्र-छात्राआें से मिलकर मत एवं समर्थन की अपील की जाएगी।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.