अलवर. टहला थाना इलाके के गांव देवती परधाना का गुवाड़ा में मंदिर का रास्ता, गोचर भूमि व देवती के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान की भूमि को प्रशासन बीस दिन बाद भी अतिक्रमण से मुक्त नहीं करवा पाया है। मामले में राजगढ़ के एसडीएम विश्वामित्र मीना की ओर से 21 अगस्त को कूंडला सरपंच की मौजूदगी में ग्रामीणों से वार्ता कर मामले का हल निकालने का प्रयास किया गया। लेकिन आम रास्ते सहित अन्य अतिक्रमण खाली करने को प्रभावशाली लोग तैयार नहीं हुए।
एसडीएम की मौजूदगी में प्रभावशाली लोगों ने सरपंच व ग्रामीणों को धमकाने का प्रयास किया। देवती स्कूल के प्राचार्य व सरपंच की ओर से मामले में एक पखवाड़े पहले एसडीएम को कार्रवाई की मांग का पत्र दिया गया था। इससे पहले प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कूंडला ग्राम पंचायत के सरपंच मानसिंह मीना ने राजगढ़ के उपजिला कलक्टर व तहसीलदार से कार्रवाई की मांग की थी। देवती स्कूल के प्रधानाचार्य टीपी मीणा की ओर से भी राजगढ़ के एसडीएम को पत्र लिखा गया था। गांव के खेमचंद, रोशन, नारायण सहाय, श्रीराम, रामकेश, सुखराम, इन्द्रराज,बिजेन्द्र व राजपाल मीना आदि ने स्कूल के खेल मैदान व रास्ते पर जुताई कर अतिक्रमण करने के बाद मौके पर पहुंची टहला थाना पुलिस को भी लौटने को मजबूर कर दिया था। गौरतलब है कि मामले में तहसीलदार ने गांव जाकर मौका देखा और अतिक्रमियों को रास्ते व अन्य कब्जे हटाने की हिदायत भी दी थी। लेकिन अतिक्रमियों ने पुलिस व प्रशासन की एक नहीं सुनी।
श्रद्धालुओं को हुई परेशानी: बुधवार को भैरव मंदिर में धोक लगाने आए कोलाना के सैकड़ों जातरुओं को भी मंदिर का रास्ता बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला,बच्चे व बुजुर्गों को पहाड़ी स्थित मंदिर पर जाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
जल्द हटाया जाएगा अतिक्रमण
मामले में बुधवार को राजगढ़ के उपजिला कलक्टर विश्वामित्र ने बताया कि प्रशासन हर हाल में रास्ते से अतिक्रमण हटाएगा। अतिक्रमियों ने स्वयं रास्ते से अवरोध नहीं हटाए तो प्रशासन जल्द ही आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूर होगा।





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