नई दिल्ली। इंडोनेशिया से पदक जीत कर भारत लौटे जम्मू कश्मीर के वुशु खिलाड़ी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि पत्थरबाजी और नशा, ये जबरदस्ती हो रहे हैं। हर एक बच्चा एक जैसा नहीं होता। हमारे यहां स्पोर्ट्समैन बड़े अच्छे है। यदि सरकार खेल के क्षेत्र में सहायता देती है तो खिलाड़ी और अच्छा प्रदर्शन कर सकते है। वुशु में भारत को कांस्य दिलाने वाले भानु प्रताप सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए ये बाते कही।
सेमीफाइनल में हार गए थे भानु-
गौरतलब हो कि भानु प्रताप सिंह इंडोनेशिया में जारी 18वें एशियाई खेलों में सेमीफाइनल में हार गए थे। भानु सेमीफाइनल फाइट के दौरान चोटिल भी हो गए थे। जिसके बाद उन्हें विपक्षी खिलाड़ी ईरान के इरफान अहगरियन ने गोद में उठा कर रिंग से बाहर तक लाए थे। उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।
Patharbaazi aur nasha, ye zabardasti ho rahe hain. Har ek baccha ek jaisa nahi hota. Humare yahan sportsman bade acche hain. If the govt helps the sports aspirants then they can do well: Bhanu P Singh who won bronze medal in Wushu at #AsianGames2018 pic.twitter.com/DqcVuqnXtB
— ANI (@ANI) August 27, 2018
आम है पत्थरबाजी की घटनाएं-
जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाएं आम है। सेना और पुलिस के जवानों पर जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोग पत्थरबाजी करते है। पत्थरबाजी की ये घटनाएं तब और बढ़ जाती है, जब भारतीय सेना आंतकवादियों को मुठभेड़ में मारती है। खास कर कश्मीर में आंतकवाद के पोस्टरब्वॉय कहे जाने वाले बुरहान वाली की मौत के बाद ऐसी घटनाओं में काफी बढ़ोतरी देखी गई थी।
सेना चला रही है ऑपरेशन-
कश्मीर से आंतकवादियों के दूर करने के लिए भारतीय सेना ऑपरेशन ऑल आउट चला रही है। इस ऑपरेशन के तहत कश्मीर के जंगलों, कस्बों और पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों को न केवल खोजा जाता है, बल्कि मुठभेड़ में उन्हें मारा भी जाता है। हालांकि पत्थरबाजी से इतर कश्मीर के कई युवा भारत के लिए अलग-अलग खेलों में दमदार प्रदर्शन कर रहे है। क्रिकेट में कश्मीर के परवेज रसुल ने पिछले दिनों बढ़िया प्रदर्शन किया है। साथ ही फुटबॉल टीम में भी कश्मीर की लड़कियां शामिल हुई है।





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