प्रतापगढ़। जीवन बीमा के पैसे के लालच में हुए अंधे दामाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने ही सगे ससुर की लोहे की रॉड से पीट पीट कर हत्या कर दी। पुलिस ने सोमवार को उसे जेल भेज दिया।
मिला था अज्ञात शव
गत शुक्रवार ग्राम गयासपुर बाईपास थाना कुन्डा में मिले अज्ञात शव में हत्या करने वाले अभियुक्तगण को कुण्डा पुलिस गिरफ्तार कर लिया। दरअसल प्रतापगढ़ जनपद के थाना कुन्डा ग्राम गयासपुर बाईपास पर बीते शुक्रवार को एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली थी, जिसके शरीर पर काफी चोटें थीं। ग्राम चौकीदार सुभाष चंद्र यादव ग्राम मौली थाना कुन्डा प्रतापगढ़ की सूचना पर मुअसं 278/18 धारा 302, 201 भादवि विरूद्ध अज्ञात पंजीकृत किया गया था।
विवेचना के दौरान अज्ञात व्यक्ति के शव की शिनाख्त रामबहादुर हरिजन पुत्र रामकिशुन निवासी ग्राम वारी का पुरवा भदरी थाना कुन्डा प्रतापगढ़ व मूल निवासी ग्राम गयासपुर थाना कुन्डा प्रतापगढ़ के रूप में हुआ था। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ देवरंजन वर्मा को अनुसंधान की जिम्मेदारी दी गई। मुखबिर से उन्हें सूचना मिली कि आरोपी बाबूगंज क्रासिंग पर खड़े हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने मुखबिर के इशारे पर दो व्यक्तियों को पकड़ लिया। इनकी पहचान राजू उर्फ अरिमर्दन सिंह पुत्र राजेन्द्र प्रसाद सिंह निवासी गुलाम का पुरवा मजरे जमेठी थाना कुन्डा जनपद प्रतापगढ़ और दूसरे व्यक्ति की पिन्टू लाल गौतम पुत्र पन्नालाल निवासी महाजन का पुरवा जमेठी थाना कुन्डा प्रतापगढ़ हिकमत अमली के रूप में हुई।
पूछताछ में कबूला गुनाह
पूछताछ में उन्होंने अपने दोस्त अशोक कुमार का नाम लिया, जो बाबागंज के साइड का रहने वाला है। आरोपियों ने बताया कि वो अपनी ससुराल गयासपुर में रहता था। हमने उसके ससुर (मृतक रामबहादुर) की हत्या की साजिश रची। क्योंकि मृतक ने काफी रूपयों का जीवन बीमा करा रखा था। अशोक ने अपने ससुर को मारने की एवज में आरोपियों को 5—5 लाख देने का वादा किया।
अशोक का कहना था कि घर का बड़ा दामाद होने के नाते इंश्योरेन्स के पैसे का लाभ मुझे मिलेगा। हम लोगों ने बात मान ली। इसके बाद बीते शुक्रवार शाम हमने शराब पी। जब अशोक ने इशारा किया तो हमने उसके ससुर को पकड़ लिया। अशोक ने लोहे के सरिए से अपने ससुर के सिर व शरीर पर ताबड़तोड़ कई वार किए। इससे उसका शरीर लहुलूहान हो गया और वह मर गया। लाश को पिकअप में डालकर रात में बाईपास रोड पर गयासपुर के सामने सड़क पर डाल दी। ताकि वो किसी वाहन की चपेट में आ जाए और वारदात सड़क दुर्घटना में बदल जाए।





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