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सीकर पासपोर्ट कार्यालय : फर्जीवाड़े में थोक के भाव बन रहे पासपोर्ट, ये रहे सबूत

संदीप हुड्डा/सीकर. फर्जी टीसी व मार्कशीट लगाकर चुनाव लडऩे, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जैसी घटनाओं के बाद अब जिले में फर्जी टीसी व मार्कशीट से पासपोर्ट बनाने के मामले भी सामने आने लगे हैं। मामले सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने के कारण पासपोर्ट कार्यालय ने इसे गंभीरता से लिया है। पासपोर्ट कार्यालय की ओर से सीकर एसपी को कार्रवाई के लिए लिखा इसके बाद जिले में दो मुकदमे दर्ज हों गए हैं। कई मामले और भी इस तरह के सामने आ सकते हैं।


जानकारी के मुताबिक फर्जी टीसी व मार्कशीट में कम या ज्यादा जन्मतिथि अंकित कर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया जा रहा है। इस तरह के मामले पासपोर्ट कार्यालय की जांच में पकड़े गए। इसके बाद पासपोर्ट कार्यालय ने पुलिस से भी इनकी जांच करवाई तो टीसी फर्जी पाई गई।


इसको गंभीरता से लेकर पासपोर्ट कार्यालय की ओर से एसपी को कार्रवाई के लिए लिखा गया। इसके बाद दो मुकदमे फतेहपुर सदर व नेछवा थाने में दर्ज किए गए हैं। इनके अलावा भी कुछ मामलों की पुलिस जांच कर रही है।

पुराना है खेल
फर्जी टीसी व मार्कशीट का खेल बहुत पुराना है। पंचायतीराज चुनाव के वक्त दर्जनों ऐसे मामले सामने आए थे जिनमें लोगों ने फर्जी टीसी व मार्क शीट लगाकर चुनाव लड़ लिया। चुनाव के बाद कई लोगों को जेल जाना पड़ा। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी फर्जी टीसी व मार्कशीट लगाने के मामले सामने आ चुके हैं।

 

मजदूरी के लिए जाते हैं विदेश
जिलेभर के हजारों लोग मजदूरी के लिए खाड़ी देशों में रह रहे हैं। इनमें से कई लोग पढे लिखे नहीं है और जन्मतिथि के लिए इस तरह के दस्तावेज लगा देते हैं। कुछ लोग दलाल के संपर्क में आकर दस्तावेज लगा देते हैं जबकि उनको ख्ुाद को ही उस दस्तावेज के बारे में जानकारी नहीं होती है। उम्र ज्यादा होने पर भी इस तरह जन्मतिथि में काट छांट कर दी जाती है। कई लोगों को खुद को भी पता नहीं होता कि इस तरह से वे आपराधिक वारदात में फंस जाएंगे। ऐसे मामलों में पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज होता है।

 

वास्तविक जन्मतिथि बदली
केस 1: साहबसर निवासी रमजान पुत्र मोहम्मद सफी के खिलाफ फतेहपुर सदर थाने में पासपोर्ट कार्यालय की ओर से मामला दर्ज करवाया गया है। उसने 2003 की ा बोर्ड की मार्कशीट जिसमें वास्तविक जन्मतिथि10 मार्च 1987 है। इससे पहले उसने2007 में पासपोर्ट बनवाया था। अब उसने नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किए जिसमें इसी मार्कशीट में खुद की जन्मतिथि 10 मार्च 1997 अंकित कर ली। मामला सामने आने के बाद उसे पुराने पासपोर्ट के बारे में पूछा गया तो गुम होना बता दिया। इसके बाद पासपोर्ट कार्यालय ने उसके खिलाफ कार्रवाई के लिखा तो मुकदमा दर्ज हुआ है।

 

जो टीसी लगाई, वह स्कूल ने जारी ही नहीं की
केस 2: जाजोद निवासी श्रवण सिंह पुत्र जसवंत सिंह ने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। पुराने पासपोर्ट में 15 अगस्त 1973 की जन्मतिथि अंकित कर टीसी लगाई थी। यह टीसी जाजोद स्कूल से जारी होना बताया गया था। अब उसने जाजोद स्कूल की टीसी लगाकर नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया। जांच में पता चला कि यह टीसी स्कूल से जारी ही नहीं हुई है। इसके बाद उसके खिलाफ नेछवा थाने में मामला दर्ज किया गया है।



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