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कुपोषित बच्चे, फिर भी उपचार केंद्र बंद


भवानीमंडी. सीएचसी पर तीन सालों से संचालित कुपोषण उपचार केन्द्र उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद २५ जुलाई से बंद कर दिया है, जबकि क्षेत्र में अभी भी बड़ी संख्या में कुपोषित बच्चे हैं, वहीं कई बच्चे उपचार कराकर तंदुरूस्त हुए हैं। भीमनगर, रामटी, माण्डवी, सिंकलीगर बस्तियों में भी अभी कुपोषण के शिकार बच्चे हैं। केन्द्र पर ६ बेड, एसी, फ्रीज सहित साफ-सुथरे बिस्तरों सहित कई व्यवस्थाएं थी। चिकित्सालय सूत्रों के मुताबिक २२ जुलाई २०१५ से शुरु केन्द्र पर अभी तक सैकड़ों बच्चों की जांच कर उनका उपचार किया एवं २५ जुलाई २०१८ तक २४३ कुपोषण के शिकार बालकों को यहां आठ दिनों के लिए भर्ती कर उनका उपचार किया।
केन्द्र से कुपोषण के शिकार बच्चों को काफी लाभ मिल रहा था। फिर से २५ जुलाई से इस वार्ड को बंद करने के आदेश उच्चाधिकारियों को दिए हैं। वहीं सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि हैल्थ सूचकांक में सुधार हो रहा था। इस वजह से कुपोषण वार्ड को बंद किया।
—रोग निदान शिविर में 127 को मिला उपचार
रीछवा. नसीराबाद के अटल सेवा केंद्र में लगे शिविर में 150 मरीजों को परामर्श दिया। इसके अलावा गंभीर बीमार 27 मरीजों का चयन कर इलाज के लिए बस से आदिनाथ ईएनटी हॉस्पिटल जयपुर ले जाया गया। चिकित्सा दल में डॉ. अवनेंद्र, काउंसलर रामदेव, नंदलाल, रूपसिंह,पिन्टू ने मरीजों का उपचार किया। प्रमोद राणा, सरपंच रोशन लोधा, ग्राम विकास अधिकारी बाबूलाल मेहर, शिवलाल लोधा, व अन्य ने मरीजों की सहायता की।


आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
—प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: जजच्चा-बच्चा की सेहत के लिए मिलेगा पैसा
झालावाड़. नवजात शिशु और गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की गई है ताकि नवजात शिशुओं की अच्छे से परवरिश की जा सके। महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यकर्ताओं को सरकारी योजना का प्रचार-प्रसार करने के लिए विभाग प्रोत्साहन राशि भी देगा। विभाग ने योजनाओं के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिलाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकाओं को तीन किश्तों में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना में लाभार्थियों महिलाओं का सत्यापन कराने के बाद ही प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे महिलाओं के खाते में जमा होती है। इसके लिए आगंनबाड़ी केंन्द्रों में महिलाओं को पंजीकृत होना जरूरी है।
—ऐसे मिलती है राशिा
गर्भावस्था का १५० दिन के भीतर आंगनबाड़ी पर पंजीकरण जरूरी है। इसके बाद प्रथम किश्त के रूप में १००० रूपए की राशि दी जाती है। दूसरी किश्त में गर्भधारण के बाद कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच ६ माह के भीतर कराई हो। उसके बाद सक्ष्म अधिकारी द्वारा प्रमाणित ममता कार्ड के बाद २००० रूपए की किश्त खाते में डाली जाती है। तीसरी किश्त में बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने व बच्चे के बीसीजी, डीपीटी, ओपीवी व हेल्प बी का प्रथम टीकाकरण चक्र पूरा करने पर साढ़े तीन माह का टीकाकरण होने पर २००० रुपए की तीसरी किश्त जारी की जाती है।
इन महिलाओं को लाभ
जिले में 11378 लाभार्थी महिलाओं ने योजना का लाभ उठाया है।
कार्यकर्ता को ऐसे मिलेगी प्रोत्साहन राशिा
योजना का लाभ दिलाने के बाद कार्यकर्ता व सहायिका को पहली किश्त के बीस-बीस रुपए व दूसरी व तीसरी किश्त में पचास-पचास रूपए मिलेंगे। गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लाभ की पहली व दूसरी किश्त जारी कराने वाली कार्यकर्ता व सहायिका को चालीस-चालीस रूपए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलती है। तीनों किश्तों का निर्बाध रूप से सफल भुगतान कराने पर 60-60 रुपए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
—जिले में अभी तक 11378 महिलाओं को मातृ वंदना योजना का लाभ दिया जा चुका है। इसमें5 हजार का रुपए दिए जाते हैं। सहायिकाओं को भी प्रोत्सहन के लिए पैसे दिए जाते हैं।।
डॉ. जीएम सैयद, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग



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