इंद्रगढ़. नगर पालिका में सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति नहीं मिलने के मामले में चल रही हड़ताल को समाप्त करवाने के लिए मंगलवार को तीसरी बार नगर पालिका प्रशासन व वाल्मीकि समाज के बीच वार्ता हुई। बोर्ड की आपात बैठक बुलाई, जिसमें स्वायत्त शासन विभाग की कोटा उपनिदेशक भावना राघव, नगर पालिकाध्यक्ष बृजमोहन गर्ग, अधिशासी अधिकारी चंद्रकला वर्मा, राजस्थान मेहतर मजदूर संघ शाखाध्यक्ष रामसिंह नरवल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजय शर्मा, कालूलाल नरवल सहित 5 सदस्यों को बुलाया गया। वार्ता सुनने के लिए वाल्मीकि समाज के कई युवा व महिलाएं भी सदन में पहुंच गए। उपनिदेशक ने वाल्मीकि समाज के अलावा अन्य जाति वर्ग के नवनियुक्त सफाई कर्मचारियों को नगर पालिका के कचरा वाहनों पर सफाई के लिए लगाने के निर्देश दिए। वहीं तीन दिन में आवेदन पत्रों के साथ लगाए गए अनुभव प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की जांच को पूरा कर स्वायत्त शासन निदेशालय जयपुर को भिजवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटने का आग्रह किया। उपनिदेशक ने कहा कि आरक्षण एक संवैधानिक प्रक्रिया है, अन्य जाति वर्ग के नवनियुक्त सफाई कर्मचारियों को हटा देने के बाद भी आप लोगों में से किसी को भी हमें सीधे नियुक्ति देने का अधिकार नहीं है। दुबारा सरकार के स्तर पर ही नई भर्ती की जाएगी। ऐसे में सभी हड़ताल समाप्त कर दें। इसके बाद भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटें तो अधिशासी अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। करीब दो घण्टे तक चली वार्ता के बाद भी सफाई कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। अंत में मेहतर मजदूर संघ के अध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि तीन दिन में जांच पूरी कर सरकार को भेज दो। इसके बाद हड़ताल खत्म कर देंगे। यह कहते हुए वे वार्ता छोड़कर चले गए।
गंदगी से आमजन परेशान
गौरतलब है कि स्थायी कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। कस्बे की हर गली चौराहे व सदर बाजार में गंदगी के ढ़ेर जमा हो रहे हैं। गंदगी से उठ रही सड़ांध से आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। मच्छरों से बीमारियां फैलने की संभावनाएं भी बढ़ रही है।





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