सीकर. राजस्थान को सबसे अधिक फौजी और शहीद देने वाले शेखावाटी अंचल में एक अजीब मामला सामने आया है। एक जवान के पूरे परिवार के सामने मौत को गले लगाने की नौबत आ गई है। इसके लिए परिजनों ने राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु चाही है। हर किसी को हैरान कर देने वाला यह मामला राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ इलाके का है।
हुआ यूं कि बीएसएफ जवान की हत्या हो जाने के बाद भी हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने से खफा होकर पूरे परिवार ने इच्छा मृत्यु की मांग सीकर पुलिस के सामने रखी है। सीकर पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए परिवाद में परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले को दबा दिया है और आरोपी खुले घूम रहे हैं। जिनको गिरफ्तार नहीं करने पर वे पीडि़त परिवार को केस उठाने के नाम पर धमकी भी दे रहे हैं।
परिवाद में लक्ष्मणगढ़ तहसील के रोरू छोटी निवासी कुमेर सिंह पुत्र बाघ सिंह ने उल्लेख किया है कि उसका भाई सुमेर सिंह जो कि, बीएसएफ में बतौर जवान के पद पर कार्यरत था। आरोप हैं कि घर छुट्टी पर आने के दौरान अगस्त २०१७ में गांव के ही लोगों ने चुनावी रंजिश में उसकी हत्या करवा दी। धारधार हथियार से उसके शरीर के टुकडे़-टुकडे़ कर आरोपी फरार हो गए और उसकी गाड़ी को भी तोड़ दिया गया।
इसके बाद आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट देने के बाद भी सभी को गिरफ्तार नहीं किया गया। पीडि़त परिवार ने जांच अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक व एएसआई पर आरोपियों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। एेसे में बीएसएफ जवान के परिवार वालों ने जांच अधिकारी बदलने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग रखी है।
पीडि़त परिवार का कहना है कि हमलावर व उनके रिश्तेदार आए दिन जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। मृतक सुमेर के भाई कुमेर सिंह का कहना है कि प्रशासन से न्याय का विश्वास उठ जाने पर पूरे परिवार ने पुलिस अधीक्षक से उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग रखी है।





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