नई दिल्ली: असम में NRC के मुद्दे पर आज राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जैसे ही एनआरसी के मुद्दे पर बोलने के लिए उठे कि विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। राजसभा स्थगित होने के बाद अमित शाह ने भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। अमित शाह ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपौठियों को क्यों बचाना चाहती है कांग्रेस और टीएमसी, इस पर राहुल गांधी और ममता बनर्जी को अपना रूख साफ करना चाहिए। सरकार में रहते कुछ और बाहर रहते दूसरा रुख कैसे संभव हो सकता है। ममता बनर्जी बताए देश में गृहयुद्ध कैसे हो जाएगा। इससे पहले तो टीएमसी गृहयुद्ध कर चुका है।
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Congress TMC & other parties who are speaking against #NRCAssam should clear their stand on Bangladeshi infiltrators: Amit Shah , BJP President pic.twitter.com/7sp8rEqiuv
— ANI (@ANI) July 31, 2018
Greh yudh ka bhay phela kar ek baar desh ko tod chuke hain? Kya kehna chahte hain? Trinamool Congress ko yeh clear karna chahiye: BJP President Amit Shah pic.twitter.com/4IqLrDyYlQ
— ANI (@ANI) July 31, 2018
देश की सुरक्षा के मुद्दे पर एक बात होनी चाहिए
विपक्ष जिस तरह एनआरसी पर भेदभाव का आरोप लगा रहा है वह पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद है। हर प्रक्रिया में कुछ गलतियां होती है लेकिन उसमें सुधार की गुंजाइश रहती है। देश के संसाधनों का उपयोग विदेश करें ये मंजूर नहीं। भाजपा का रूख साफ है घुसपौठियों को बाहर जाना होगा। अमित शाह ने कहा कि असम के लोगों से हित का खिलवाड़ कर कैसा मानवाधिकार है । देश की सुरक्षा के मुद्दे पर एक बात होनी चाहिए। एनआरसी में किसी भी भारतीयों का नाम नहीं कटा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एनआरसी की प्रक्रिया बहाल की।
By encouraging infiltrators , how can we ensure security at the borders and internal security of the nation? I firmly believe #NRCAssam is for the security of the country. We will fully implement SC's judgement on it: BJP President Amit Shah pic.twitter.com/LuG5c8ZvHG
— ANI (@ANI) July 31, 2018
सरकार ने की घुसपैठियों की पहचान
इससे पहले राज्यसभा में एनआरसी ड्राफ्ट पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि किसी में भी घुसपैठियों की पहचान की हिम्मत नहीं हुई। मई, 2016 में पहली बार भाजपा सरकार असम में बनी। हमारी सरकार ने हिम्मत दिखाई। प्रदेश भाजपा सरकार दो साल के अल्प समय में धुसपैठिए की पहचान की है। 40 लाख अवैध लोग चिन्हित किए गए हैं। भाजपा सरकार उन्हें असम से बाहर निकालकर रहेगी। अमित शाह ने राज्यसभा में कांग्रेस, टीएमसी सहित सभी विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वो लोग घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। उनकी मंशा घुसपैठियों को बाहर भेजने की नही हैं। विपक्षी दलों का यह रवैया देशहित में नहीं है। असम में इन घुसपैठियों के खिलाफ 1980 से आंदोलन जारी है। 1986-87 में राजीव गांधी ने एक समझौता किया था। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने उसके बाद से इस पर अमल नहीं किया।





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