नई दिल्ली: असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) मामले पर सियासी घमासान जारी है। असम के बाद पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों की पहचान करने की तैयारियों की रिपोर्ट की खबर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नाराजगी जताई है। इस सिलसिले में ममता बनर्जी ने मंगलवार को दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर NRC बिल को संशोधित करने या नया बिल लाने की मांग की। जिसपर उन्होंने भरोसा दिया है कि NRC के नाम पर लोगों का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। सभी को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। ममता ने गृह मंत्री से कहा है कि वह यह बात संसद में भी बोलें। गौरतलब है कि सोमवार को एनआरसी ड्राफ्ट को लागू कर दिया गया है। जिसके बाद संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर बहस जारी है। संसद से लेकर सड़क तक यह मुद्दा गर्म है।
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असम समझौते के तहत मसौदा-राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह के मुलाकात के बाद ममता ने बनर्जी ने कहा कि मैंने उनसे कहा कि भाजपा के लोग कह रहे हैं कि असम के बाद बंगाल अगला टारगेट है, यह आदेश किसने दिया है। अभी कोई बंगाल के बारे में कह रहा है, फिर बिहार और महाराष्ट्र की बात करेंगे, गुजरात, यूपी और इस तरह से देश नहीं चलेगा। इससे गृहयुद्ध छिड़ जाएगा। ममता ने कहा, 'यह बहुत बड़ी त्रासदी है। हमारे देश के शरणार्थियों को निकालकर फिर से शरणार्थी बना देना, उनकी पहचान को खत्म करने किसी भी स्तर पर सही नहीं है। मुलाकात के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने ममता बनर्जी से कहा कि यह मसौदा एनआरसी असम समझौते के प्रावधानों के अनुसार प्रकाशित किया गया है । राजनाथ सिंह ने कहा कि यह फाइनल बिल नहीं है। सभी को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।
ममता बताए गृहयुद्ध कैसे हो जाएगा-अमित शाह
इससे पहले अमित शाह ने एनआरसी को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। अमित शाह ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपौठियों को क्यों बचाना चाहती है कांग्रेस और टीएमसी, इस पर राहुल गांधी और ममता बनर्जी को अपना रूख साफ करना चाहिए। सरकार में रहते कुछ और बाहर रहते दूसरा रुख कैसे संभव हो सकता है। ममता बनर्जी बताए देश में गृहयुद्ध कैसे हो जाएगा। इससे पहले तो टीएमसी गृहयुद्ध कर चुका है।





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