श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा
सिरोही. जिले के सरूपगंज में एक इ-मित्र संचालक खुद ही ठेकेदार बन गया और करीब एक हजार आवेदन सत्यापित कर विकास अधिकारी पिण्डवाड़ा को भेज दिए। विभागीय टीम की पड़ताल में इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। टीम ने सोमवार को इ-मित्र पर दबिश देकर फर्जी सील, आवेदन पत्र सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। साथ ही सरूपगंज पुलिस थाने में इ-मित्र संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दी है। जिला श्रम कल्याण अधिकारी चम्पतराज लौहार ने बताया कि विभागीय योजनाओं का फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर फायदा उठाने को लेकर शिकायत सामने आई थी। जिस पर जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल के निर्देश पर टीम का गठन किया गया। इसके बाद विकास अधिकारी पिण्डवाड़ा, श्रम विभाग सिरोही, आईटी विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने सरूपगंज में पातुंबरी निवासी चुन्नीलाल कलबी के इ-मित्र पर दबिश दी। जहां पर एक ठेकेदार की फर्म की चार फर्जी सील, 72 आवेदन-पत्र सहित अन्य दस्तावेज मिले। जिसकी प्रारम्भिक जांच में फर्जीतरीके श्रम विभाग की योजनाओं का फायदा उठाने का खुलासा हुआ। टीम ने सील व दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही सरूपगंज पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है।
टीम में ये थे शामिल
इ-मित्र पर कार्रवाई करने की टीम में पिण्डवाड़ा विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार, श्रम कल्याण अधिकारी, चम्पतराज लौहार, श्रम निरीक्षक मनोहरसिंह कोटड़ा, सूचना सहायक प्रशांत जोरवाल व कांस्टेबल धर्मेन्द्र शामिल थे।
संचालक से पूछताछ
टीम ने इ-मित्र संचालक चुन्नीलाल से पूछताछ की। वहीं उसकी निशानदेही पर शर्मा कॉलोनी सरूपगंज निवासी श्रमिक यूनियन सचिव धर्मेन्द्र गोराणा से भी पूछताछ की।
...और कर दिए आवेदन
दरअसल, श्रम विभाग की ओर से 18 से 60 वर्ष तक की आयुवर्ग के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभांवित किया जाता है।इसके तहत श्रमिकों को किसी फर्म में नियोजित होने का प्रमाण देना होता है। साथ ही श्रमिक यूनियन से भी आवेदन सत्यापन कराना होता है। लेकिन इ-मित्र संचालक ने सारी सुविधाएं अपने स्तर पर ही तैयार कर ली थी। ऐसे में फर्जीतरीके से दस्तावेज तैयार कर आवेदन कर दिए। इ-मित्र संचालक ने विकास अधिकारी पिण्डवाड़ा की आईडी पर पिछले कुछ दिनों में करीब एक हजार आवेदन भेजे गए हैं। अब विभागीय टीम की ओर से पूर्व में किए गए आवेदनों की भी पड़ताल की जाएगी।





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